उत्तर प्रदेश की सीतापुर जेल में बंद पूर्व मंत्री और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और रामपुर से सांसद मोहम्मद आज़म खान और उनके बेटे अब्दुल्लाह आज़म को सुप्रीम कोर्ट ने राहत देते हुए अंतरिम ज़मानत के आदेश दिए हैं।
आज़म खान (Azam Khan) और उनके बेटे अब्दुल्लाह आज़म पर ज़मीन हड़पने, फर्जी कागजात बनवाने समेत कई और अन्य मामलों में उत्तर प्रदेश की अलग-अलग अदालतों में केस चल रहे हैं।
आज सुप्रीम कोर्ट ने पासपोर्ट-पैनकार्ड बनाने में गड़बड़ी से जुड़े मामले में महीनों से सीतापुर जेल में बंद बाप और बेटे को इस मामले में अंतरिम जमानत दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने इस आपराधिक मामले में निचली अदालत को चार सप्ताह के भीतर दोनों के बयान दर्ज करने के बाद उन्हें जमानत पर रिहा करने को कहा है।
समाजवादी पार्टी के नेता और रामपुर से सांसद आजम खान करीब डेढ़ साल से सीतापुर जेल में विभिन्न आरोपों में बंद हैं। यहां उन्हें फरवरी 2020 में लाया गया था। यहां इससे पहले उनकी पत्नी तंजीन फातिमा भी थी, मगर उन्हें जमानत मिल गई है। बीते 30 अप्रैल को उनकी कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। तबीयत काफी बिगड़ने पर 9 मई को उन्हें लखनऊ के मेदान्ता में भर्ती कराया गया था। बाद में उनकी कोरोना रिपोर्ट तो निगेटिव आ गई, लेकिन उनकी तबियत लगातार बनती-बिगड़ती रही। इसी बीच 13 जुलाई को उन्हें वापस जेल शिफ्ट कर दिया गया।
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