रामपुर: रिश्वतख़ोर दारोग़ा गिरफ़्तार, अदालत में बयान के लिए पीड़िता से मांगी रिश्वत

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उत्तर प्रदेश पुलिस अपनी करनी को लेकर हमेशा ही चर्चा में रहती है, चाहे वह गाजियाबाद में 7 लोगों से मुठभेड़ कर गोली मारने का मामला हो या गोरखपुर में व्यापारी की मौत से जुड़ा मामला हो।

एक बार फिर खाकी दागदार हुई है और सवालों के घेरे में है वह भी जनपद रामपुर में जहां पर एक दरोगा ने बलात्कार पीड़िता पक्ष के लोगों से ही अदालत में बयान दिलाने के नाम पर 20 हजार रुपए की रिश्वत की मांग कर डाली जिसका नतीजा यह हुआ की एंटी करप्शन की टीम ने दरोगा को रंगे हाथ पकड़ कर अपने शिकंजे में दबोच लिया है।

रामपुर(Rampur) की तहसील स्वार में एंटी क्रप्शन निरीक्षक अंजू भदौरिया से शिकायत कर मोहम्मद रशीद ने अपनी बहन नसीम जहां का दहेज़ से सम्बंधित धारा 376डी, 377, 313, 498ए, आईपीसी 3/4 के तहत लिखाया था।

इस केस की तफ्तीश सुकेंद्र कुमार कर रहे थे। दरोगा सकेंद्र कुमार ने केस की पैरवी कर रहे नसीम जहां के भाई से कोर्ट में बयान कराने के लिए 20 हज़ार रूपये की डिमांड की। एंटी क्रप्शन ब्यूरो ने सुकेंद्र कुमार को ट्रेप कर 20 हजार रुपे लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।

एंटी क्रप्शन निरीक्षक अंजू भदौरिया ने कहा कि दरोगा को गिरफ्तार करने के बाद थाना सिविल लाइंस लाया गया क्योंकि स्वार भीड़ ज़्यादा होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था नहीं हो सकती थी और शांति व्यवस्था भंग होने की संभावना थी, जिसके चलते हम उसे थाना सिविलाइज लेकर आए यह लीगल कार्रवाई की जा रही है।

अंजू भदौरिया ने बताया,” इन पर लड़की के बयान कराने को लेकर 20 हज़ार रुपे रिश्वत मांगने का आरोप था। नहीं ऐसा तो कुछ नहीं था यह तो हमारी नॉलेज में नहीं है कि हम तीन लोगों को ट्रेप करने वाले थे। एक ही की शिकायत थी उसी को अपने ट्रेप किया है उसी को हमने पकड़ा हैं रंगे हाथों पैसा लेते हुए कोर्ट में 164 के बयान होते हैं जब धारा 376 और 377 लगती है सेक्सुअल ऑफेंस होता हैं तो उसके कोर्ट में बयान कराई जाते हैं बयान कराने के नाम पर अगली कर्रावाही करने के नाम पर मुकदमे में ये डिमांड करी गई थी और आज पैसा देते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया हैं।

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