नई दिल्ली:देश में चुनावी शुचिता और लोकतंत्र के बुनियादी ढांचे को लेकर बहस एक बार फिर चरम पर पहुंच गई है। ‘वोट चोरी’ और मतदाता सूचियों में कथित हेरफेर के संगीन आरोपों को लेकर गुरुवार को देश भर में विपक्षी INDIA गठबंधन का जोरदार विरोध-प्रदर्शन देखने को मिला। विपक्ष ने सीधे तौर पर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई है।
पटना में तेजस्वी का ‘आक्रोश मार्च’: राजभवन तक निकाला विशाल जुलूस
बिहार की राजधानी पटना में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के नेतृत्व में INDIA ब्लॉक के कार्यकर्ताओं और नेताओं ने राजभवन तक विशाल ‘आक्रोश मार्च’ निकाला।
प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सीधा हमला बोलते हुए तेजस्वी यादव ने कहा, “यह मार्च सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि देश के लोकतंत्र को बचाने की जंग है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की शह पर वोट चोरी की साजिश रची जा रही है। हम लोकतंत्र को नष्ट करने वाले इन साजिशकर्ताओं को सजा दिलाने तक पीछे नहीं हटेंगे।”
हिरासत और नाटक: मार्च के दौरान पुलिस ने तेजस्वी यादव, वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी और मीसा भारती सहित कई नेताओं को हिरासत में ले लिया, जिससे वहां काफी नाटक हुआ। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
’13 करोड़ वोटों का अधिकार छीना गया’: कांग्रेस का गंभीर आरोप
दिल्ली से लेकर दक्षिण भारत तक इस मुद्दे पर राजनीतिक गर्माहट साफ महसूस की गई। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने आरोप लगाया कि देश भर में लगभग 13 करोड़ लोगों के मताधिकार छीन लिए गए हैं।
मसूद ने कहा, “बांग्लादेशी बताने के नाम पर जितने मतदाताओं के नाम काटे गए हैं, उतनी तो बांग्लादेश की आबादी भी नहीं है। जब तक इन सभी लोगों के नाम सूची में वापस नहीं जोड़े जाते, यह लड़ाई जारी रहेगी।”
तेलंगाना में ‘चलो लोक भवन’, कर्नाटक में फॉर्म-7 कांड
हैदराबाद: तेलंगाना कांग्रेस ने इंदिरा गांधी प्रतिमा से सोमाजीगुड़ा स्थित राजभवन तक ‘चलो लोक भवन’ मार्च निकाला और मुख्य चुनाव आयुक्त के तत्काल इस्तीफे की मांग की।
बेंगलुरु: कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने आरोप लगाया कि राज्य में लाखों मतदाताओं के नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 बीजेपी कार्यालयों में छापे गए थे। शिकायत दर्ज होने के बाद बीजेपी कार्यकर्ताओं को बीएलओ से फॉर्म वापस लेने पड़े।
जम्मू में भी प्रदर्शन: CEC की गिरफ्तारी की मांग
जम्मू में भी INDIA ब्लॉक के नेताओं ने ‘लोकतंत्र बचाओ मार्च’ निकाला और CEC ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग की। विपक्ष का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के नाम पर मतदाता सूचियों में बड़े पैमाने पर हेरफेर किया गया है।
अगली कार्रवाई: विपक्ष ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, यह आंदोलन जारी रहेगा।
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