सिब्बल ने रविवार को कहा, “मतदान के नतीजे 4 जून को आएंगे। मैं जनता और राजनीतिक दलों को जागरूक करना चाहता हूं कि मशीनें (ईवीएम) खुलने पर आपको क्या करना चाहिए। इसलिए मैंने सभी पार्टियों और सभी काउंटिंग एजेंटों के लिए एक चार्ट बनाया है।“
नई दिल्ली: लोकसभा चुनावों में अभीतक 6 चरण का मतदान हो चुका है और आखिरी चरण का मतदान 1 जून को होने के साथ ही वोटों की गिनती पर पूरे देश की नजर होगी। इस दौरान विभिन्न जगहों से ईवीएम को लेकर शक पैदा करने वाली खबरें भी आ रही हैं। बीती रात जौनपुर में ऐसा ही मामला सामने आया जिसके बाद ईवीएम में हेरफेर को लेकर शक और गहरा गया।
इसी शक के संदर्भ में पूर्व केंद्रीय मंत्री और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल(Kapil Sibbal) ने लोकसभा चुनाव के उम्मीदवारों और मतगणना एजेंटों के लिए एक चेकलिस्ट जारी की है। इस चेकलिस्ट से यह पता लगाया जा सकता है कि किसी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के साथ छेड़छाड़ की गई है या नहीं। सिब्बल ने रविवार को कहा, “मतदान के नतीजे 4 जून को आएंगे। मैं जनता और राजनीतिक दलों को जागरूक करना चाहता हूं कि मशीनें (ईवीएम) खुलने पर आपको क्या करना चाहिए। इसलिए मैंने सभी पार्टियों और सभी काउंटिंग एजेंटों के लिए एक चार्ट बनाया है।“
कपिल कपिल सिब्बल ने जो चार्ट बनाया है, उसमें सीयू (कंट्रोल यूनिट) नंबर, बीयू (बैलट यूनिट) नंबर और वीवीपैट आईडी आदि दर्ज होगी। तीसरा कॉलम बहुत महत्वपूर्ण है- तीसरे कॉलम में 4 जून लिखा है और नीचे मशीन कब खुलेगी इसका समय लिखा है। अगर इस समय में कोई अंतर आता है तो आपको पता चल जाएगा कि मशीन पहले ही कहीं खुल चुकी है।” इस तरह का एक चार्ट या फॉर्मेट वाला कागज मतगणना स्थल पर एजेंट को मिलेगा।
मीडिया के साथ बातचीत में कपिल सिब्बल ने कहा, “कंट्रोल यूनिट का सीरियल नंबर भी लिखित रूप में होगा, आपको उसका भी मिलान करना होगा। जब कुल पड़े वोटों का आंकड़ा आ जाए तो उसे ध्यान से देख लें ताकि गिनती में ज्यादा वोट होने पर दोबारा दिक्कत न आए।“ उन्होंने कहा कि दो बातें ध्यान रखें, ऊपर दिए गए कॉलम में वेरिफिकेशन होने तक रिजल्ट बटन न दबाएं और अगर उस टाइमिंग और रिजल्ट आने की टाइमिंग में अंतर है, तो कुछ गड़बड़ है।’
राज्यसभा सांसद सिब्बल ने कहा कि उन्होंने ऐसा यह तय करने के लिए किया कि ईवीएम में छेड़छाड़ की कोई संभावना नहीं रहे। सिब्बल ने कहा- “ऐसे बहुत से लोग हैं जो कह रहे हैं कि ईवीएम के साथ शायद छेड़छाड़ की गई है। हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि छेड़छाड़ की कोई संभावना न हो। हम न तो यह कह रहे हैं कि उनके साथ छेड़छाड़ की गई है और न ही यह कि उनके साथ छेड़छाड़ नहीं की गई है।”
ग़ौरतलब है कि ईवीएम का मामला सुप्रीम कोर्ट तक जा चुका है और सुप्रीम कोर्ट ईवीएम पर चुनाव आयोग को क्लीन चिट दे चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने बैलेट पेपर से चुनाव की मांग को खारिज कर दिया। बैलेट पेपर का चुनाव आयोग और सरकार ने यह कहकर विरोध किया कि पहले मतदान बूथ लूट लिए जाते थे। लेकिन चुनाव आयोग ने यह नहीं बताया कि ईवीएम को लेकर भी इसी तरह की शिकायतें हैं। हाल ही में मध्य प्रदेश में बीजेपी नेता के बेटे का वीडियो सामने आया था जिसमें उसने अकेले 8 वोट बीजेपी को डाले थे। इसी तरह गुजरात के दाहोद से बीजेपी उम्मीदवार के बेटे द्वारा मतदान केंद्र पर कब्जा कर वोट डलवाने का मामला सामने आया था। इस मामले की एफआईआर हुई थी और उम्मीदवार के बेटे को गिरफ्तार किया गया और चुनाव आयोग ने उस मतदान बूथ पर फिर से मतदान का आदेश दिया।
इन्हीं सब घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और चुनाव निष्पक्ष और स्वतंत्र रूप से हों इसके लिए कपिल सिब्बल और कुछ अन्य वकील ईवीएम पर लगातार पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। वकील महमूद प्राचा ने तो ईवीएम को मुद्दा बनाकर जंतर मंतर पर प्रदर्शन भी किया था।
बतादें कि ईवीएम पर शक को लेकर कुछ लोगों द्वारा तैयार किए गए कंटेंट को यूट्यूब, फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया मंचों से सरकार के दबाव पर हटा दिया गया। इन कंटेंट की जगह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर यह संदेश होता है कि ईवीएम से चुनाव पूरी ईमानदारी से होता है और बेईमानी की कोई गुंजाइश नहीं है।
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