Globaltoday.in | रईस अहमद | रामपुर
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के राज में आवारा पशुओं ने आतंक मचा रखा है। जिस तरह से उत्तर प्रदेश सरकार गोवंशीय पशु और आवारा पशुओं के लिए गौशालायें बनाने का दावा कर रही है। वहीं रामपुर में इस दावे की पोल खोलते हुए आवारा पशु खुलेआम सड़कों पर घूम रहे हैं और किसानों की फसलें बर्बाद कर रहे हैं।
जनपद रामपुर (Rampur) की तहसील मिलक क्षेत्र में गोवंशीय आवारा पशुओं के आतंक से किसान परेशान और दुखी हैं। इन आवारा पशुओं ने किसानों की फसलें तबाह और बर्बाद कर रखी हैं। इतना ही नहीं सड़कों पर गुजरने वाले लोगों की ज़िंदगियाँ भी खतरे में डाल दी हैं।
मिलक में इन आवारा पशुओं का आतंक इतना है कि 20 से 40 की तादाद में यह झुंड के झुंड आते हैं जिनमें सांड भी होते हैं जो खेत में घुस जाते हैं और पूरी की पूरी फसलें बर्बाद कर देते हैं। कई बार यहाँ किसानों ने इसकी शिकायत आला अधिकारियों से भी की लेकिन उनकी शिकायत पर कोई भी अभी तक सुनवाई नहीं हुई है।
आवारा पशुओं से परेशान किसान
वहीं धर्मपुरा गांव के प्रधान जाकिर अली से हमने बात की तो उन्होंने बताया,” सबसे ज्यादा जानवरों से परेशानी आ रही है। खेत में लाई उगा रखी है सभी लाई जानवरों पट कर दी है। बहुत बड़ी दिक्कत हो रही है। हम कब तक इनकी रखवाली करें ? सारे दिन खेत पर तो बैठे नहीं रहेंगे और भी काम देखना है, घर परिवार को भी देखना है। कम से कम 5-5 किलोमीटर पर गौशाला बन जाए जो इन का इंतजाम हो सके। सैकड़ों की तादाद में जानवर हैं। झुंड का झुंड चलता है और जिधर को चल पड़ा उधर की फसलें नष्ट कर देता है।
आवारा पशुओं से रोड पर एक्सीडेंट्स
वहीं दूसरे किसान राजू पांडे से हमने बात की तो उन्होंने कहा,” मैं छोटा सा किसान हूं और किसान होने के नाते मेरा सरकार से एक छोटा सा अनुरोध है। इन आवारा पशुओ जो जंगल जंगल छोड़ रखे हैं। इनको चिन्हित करके इनको प्रतिबंधित किया जाए और उनको गौशालाओं में रखा जाए। अभी मेरे गांव का एक बच्चा जानवर आने से एक्सीडेंट होने से मर गया। 20 से 25 जानवर रोड पर आ गए और एक्सीडेंट होने से बच्चा मर गया। गन्ने में 20 से 40 पशु घुस जाते हैं और फसल को बर्बाद कर देते हैं। और अगर किसान उनको कुछ कहता है तो वह किसान पर हमलावर हो जाते हैं। बहुत दिक्कत आ रही है और सरकार इस बारे में सोचें।

एक तीसरे किसान राजीव चौधरी से हमने बात की तो उसने बताया,” उनके पास 80 बीघे जमीन है और आवारा जानवरों से मैं बहुत परेशान हैं। हमारा 15 से 20 बीघे में गेंहू लगा है, उसमें 70 से 80 जानवर आ करके पूरा गेहूं बर्बाद कर देते हैं। बहुत मुश्किल से हम उन्हें रोक पाते हैं और रोड पर ऊपर आ जाते हैं रोड जाम कर देते हैं। पिछले दो-तीन दिन पहले इन जानवरों ने एक किसान को बहुत बुरी तरह से मारा है। राजीव चौधरी ने कहा सबसे ज्यादा अगर किसान को कोई दिक्कत है तो इन आवारा पशुओं से है। किसान राजीव चौधरी ने कहा हम यह चाहते हैं इन आवारा पशुओं को पकड़ा जाए और इन्हें गौशालाओं में रखा जाए। इन पर पूरी तरह से प्रतिबंध हो।
रामपुर के जिला अधिकारी आंजनेय कुमार सिंह से हमनेजब इन आवारा पशुओं के बारे में बात की तो उन्होंने बताया,” सूचना आई थी वहां पर उप जिलाधिकारी को बीडीओ को और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को कार्रवाई करने को कहा गया है। मैंने आज मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को प्रभारी मंत्री की बैठक के दौरान 3 दिन का समय दिया है कि वे उन पशुओं को गोशाला में ले जाकर रखे। उसके बाद में खुद उसकी समीक्षा करूंगा। जिलाधिकारी ने कहा रामपुर में 8 गोशालाएं हैं जो चल रही है। दो गोशालाएं जो बेहद संरक्षण केंद्र भी है। एक कंप्लीट हो चुकी है उसका हेड और भी हो चुका है, जो अस्थाई गौशाला है उसमें लगभग 300 पशु है।
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