मैनपुरी(सिराज हुसैन): एनआरएलएम (NRLM) और यूपीएसआरएलएम (UPSRLM) के कैडर्स से जुड़ी महिला कर्मियों का बकाया मानदेय को लेकर चल रहा धरना मंगलवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। कलेक्ट्रेट परिसर में जुटी महिला कार्यकर्ताओं ने साफ किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन खत्म नहीं होगा।
‘हर पात्र महिला को मिले उसका हक’
धरना स्थल पर मौजूद करहल ब्लॉक में कार्यरत शिल्पा मिश्रा ने बताया कि यहां स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी अलग-अलग कैडर की महिलाएं जुटी हैं। हमारी लड़ाई किसी एक की नहीं, बल्कि समूह से जुड़ी हर पात्र महिला को उसका हक दिलाने की है। लंबे समय से मानदेय रुका है और बार-बार चक्कर काटने के बाद भी अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहे।
घोटाले का आरोप और धरना स्थल पर ही प्रक्रिया की मांग
शिल्पा मिश्रा ने आरोप लगाया कि क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) में हुए कथित घोटाले को लेकर जिलाधिकारी समेत कई अधिकारियों को शिकायत पत्र दिए गए थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
उन्होंने बताया कि प्रशासन ने काम से जुड़े दस्तावेज और शपथ पत्र (Affidavit) मांगे हैं। महिलाओं की मांग है कि संबंधित अधिकारी खुद धरना स्थल पर आकर शपथ पत्र जमा करें, क्योंकि महिलाएं अब अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाना चाहतीं।
DM बोले- ‘काम का सबूत दें, 1 हफ्ते में मिलेगा मानदेय
मामले पर जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने बताया कि सोमवार शाम को प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए बुलाया गया था। उनसे काम का प्रमाण (Evidence) या शपथ पत्र देने को कहा गया है, ताकि सत्यापन (Verification) कराया जा सके।
डीएम ने कहा:जो महिलाएं वास्तव में काम कर रही थीं और इसका प्रमाण या शपथ पत्र दे देंगी, उनका सत्यापन कराकर 7 दिनों के भीतर मानदेय का भुगतान कर दिया जाएगा। इसके लिए अधिकारियों को मौके पर भी भेजा गया था। डीएम ने साफ किया कि जिन्होंने काम ही नहीं किया है, उन्हें भुगतान संभव नहीं होगा।
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