पाकिस्तान: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहनों नूरिन खान, अलीमा खान और उजमा खान को रावलपिंडी के आदियाला जेल में उनके भाई से मिलने से रोक दिया गया, जिसके बाद उन्होंने फैक्ट्री चेकपॉइंट पर धरना दिया। पुलिस ने आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल कर धरना समाप्त कराया, जिसमें कई पीटीआई कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। यह घटना 9 दिसंबर 2025 को हुई, जब मिलने का आधिकारिक समय समाप्त हो चुका था।
धरने का कारण और विरोध
इमरान खान की बहनें हफ्तों से मिलने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन जेल प्रशासन ने इंकार कर दिया, जिसे उन्होंने एकांतवास का उल्लंघन बताया. पीटीआई नेता जैसे जुनैद अकबर खान, शाहिद खट्टक और खैबर पख्तूनख्वा के मंत्री मीना खान व शफी जान ने धरने में साथ दिया. अलीमा खान ने समर्थकों से शांति बनाए रखने को कहा और पुलिस को “दबाव में” बताया, जबकि पीटीआई ने इसे मानवाधिकार हनन करार दिया।
पुलिस कार्रवाई व प्रतिक्रियाएं
धरने के दौरान सेक्शन 144 लागू कर 1200 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए, दुकानें व स्कूल बंद रहे। वाहनों को जब्त करने पर बातचीत बेनतीजा रही, जिसके बाद वाटर कैनन से प्रदर्शनकारियों को भगाया गया। पीटीआई नेता असद कaiser ने मिलने से इंकार को असंवैधानिक बताया और इमरान की रिहाई की मांग दोहराई।
पृष्ठभूमि व तनाव
इमरान खान 2023 से आदियाला जेल में बंद हैं, और हाल में सरकार ने मुलाकातों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। आर्मी के डीजी आईएसपीआर ने इमरान को “मानसिक रूप से बीमार” कहा, जिसके बाद तनाव बढ़ा। शहबाज गिल के व्लॉग ने इस “कड़े दमन” को हाइलाइट किया, जो प्रतिरोध की अपील करता है।
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