रामपुर: सपा के पूर्व जिला पंचायत सदस्य आलमगीर और उसके परिजनों के कब्जे वाली 24 बीघा जमीन अब राज्य सरकार के कहते में दर्ज की जाएगी। बंदोबस्त अधिकारी ने आदेश पारित किया है कि यह जमीन अवैध तरीके से आलमगीर के परिवार के नाम दर्ज की गई थी।
सपा के जिला पंचायत सदस्य रहे आलमगीर और उसके परिजनों के कब्जे वाली नवीन परती, रास्ते और नदी की करीब 24 बीघा जमीन जो करोड़ों की क़ीमत की बताई जा रही है अब राज्य सरकार के कहते में दर्ज की जाएगी। बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी की कोर्ट से इस संबंध में आदेश पारित किया गया है। पूर्व जिला पंचायत सदस्य आलमगीर छिनौती ग्राम का प्रधान भी रह चुका है। आरोप है कि जब वह ग्राम प्रधान था तो उसने गैर कानूनी तरीके से अपने परिवार वालों को लाभ पहुंचाने की नीयत से ग्राम सभा छिनौती की नवीन परती, चकरोड और नदी की 1.33 हेक्टेयर ( करीब 24 बीघा जमीन) को अपने परिजनों के नाम दर्ज करा दिया था।
पूर्व प्रधान नीतू सिंह ने इस संबंध में उच्च अधिकारियों से शिकायत की थी। इसके बाद एक अपील बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी न्यायालय में दाखिल की गई थी। जिला शासकीय अधिवक्ता आराध्यक्ष अजय तिवारी ने बताया कि विपक्षीगण जान बूझकर मुकदमे के निस्तारण में देरी कर रहे थे। इसी लिए इस केस में बार-बार तारीख ली जा रही थी।
अब दोनों पक्षों को सुनने के बाद बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी संजय कुमार शर्मा ने संबंधित 1.33 हेक्टेयर (करीब 24 बीघा) जमीन को राज्य सरकार के खाते में दर्ज करने का आदेश पारित किया है।
चकबंदी विभाग की टीम जब छिनौती ग्राम में जमीन की पैमाइश के लिए गई थी तो इस दौरान टीम के साथ अभद्रता भी की गई थी। आरोप है कि टीम को धमकाया भी गया था जिसका वीडियो भी वायरल हो रहा है। हालांकि यह वीडियो कुछ दिन पुराना बताया जा रहा है।
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