लखनऊ: रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय पर संभावित ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को लेकर सियासत गर्मा गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) ने विश्वविद्यालय की इमारत पर बुलडोजर चलाए जाने की कार्रवाई का कड़ा विरोध किया है।
सपा नेतृत्व का कहना है कि यह विश्वविद्यालय किसी व्यक्ति विशेष की संपत्ति नहीं, बल्कि देश की साझी धरोहर है। इसे बनाने में देश के हर धर्म—हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई—के राष्ट्रवादियों का योगदान और पैसा लगा है। ऐसे में इस शैक्षणिक संस्थान को तोड़ना या बंद करना देश के शैक्षिक ढांचे पर प्रहार है।
सपा का रामपुर दौरा और ज्ञापन
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर 23 जुलाई को सपा का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल रामपुर जाएगा।
- नेतृत्व: इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उत्तर प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय करेंगे।
- सदस्य: प्रतिनिधिमंडल में कई वर्तमान विधायक, पूर्व विधायक और ज़िलाध्यक्ष (कुल 28 सदस्य) शामिल हैं।
- कार्रवाई: यह दल रामपुर के ज़िलाधिकारी (DM) से मुलाकात कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई को तत्काल रोकने के संबंध में ज्ञापन सौंपेगा और रिपोर्ट पार्टी प्रदेश कार्यालय को प्रस्तुत करेगा।

“गरीब और वंचित वर्ग के भविष्य पर असर”
समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल द्वारा जारी कार्यालय-ज्ञापन में कहा गया है कि विश्वविद्यालय पर बुलडोजर चलाना ‘शिक्षा के अधिकार’ की संवैधानिक भावना के विपरीत है। पार्टी का तर्क है कि इस संस्थान में सभी धर्मों और वर्गों के हज़ारों विद्यार्थी नाममात्र की फीस पर उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इस कार्रवाई से गरीब, पिछड़े और दलित वर्ग के छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा।
- महिलाओं को धुएं से निजात दिलाने के लिए लागू की गई महत्वाकांक्षी योजना: डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी

- हरियाणा दिवस पर मुफ्त यूनानी मेडिकल कैंप का आयोजन; 285 मरीजों को मिली मुफ्त दवाएं

- ईरान-अमेरिका समझौते की बढ़ी उम्मीदें: तेहरान पहुंचे कतर के मध्यस्थ, अब्बास अराकची से करेंगे मुलाकात

- दिवाली से पहले घुटने लगा दिल्ली-NCR का दम: AQI 334 पहुंचा, GRAP-2 लागू; जानें किन नियमों पर बढ़ी सख्ती

- मौलाना जर्जिस अंसारी के फिलिस्तीन वाले बयान पर मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की तीखी प्रतिक्रिया

- मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की अनूठी पहल: रोशनी के पर्व दीपावली पर बुजुर्गों के मजारों और इबादतगाहों पर जशने-चिरागां की अपील

- आजम खान के घर पर खुशी और गम का एक साथ माहौल, अब्दुल्ला की रिहाई पर जश्न लेकिन आजम की हिरासत ने बिगाड़ा मूड

- ज्ञानेश कुमार जैसे लोग कुर्सी पर रहे तो लोकतंत्र पर खतरा बढ़ता रहेगा: खड़गे

