नई दिल्ली: नीट (NEET) परीक्षा में हुई धांधली और विरोध कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के खिलाफ कांग्रेस ने मंगलवार को केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के निवास से प्रधानमंत्री आवास (लोक कल्याण मार्ग) तक मार्च निकाल रहे राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अखिलेश यादव समेत कई दिग्गज नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। करीब दो से तीन घंटे हिरासत में रखने के बाद रात लगभग 9:45 बजे पुलिस ने सभी नेताओं को रिहा कर दिया।
हिरासत से छूटने के तुरंत बाद प्रियंका गांधी वाड्रा की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसमें उन्होंने सरकार के रवैये पर कड़े सवाल उठाए हैं।
‘आखिर सरकार छात्रों की बात सुनती क्यों नहीं?’
मंदिर मार्ग थाने से रिहा होने के बाद प्रियंका गांधी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा:
“आखिर सरकार छात्रों और विपक्ष की बात सुनती क्यों नहीं है? सरकार को संवाद करना चाहिए। लोकतंत्र में अपनी मांगों के लिए प्रदर्शन करना कोई अपराध नहीं है।”
प्रियंका गांधी ने आगे कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है। अपनी हक की आवाज उठा रहे मासूम छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। जब विपक्ष ने छात्रों के हक के लिए आवाज उठाई, तो नेताओं को भी हिरासत में ले लिया गया। लोकतंत्र में हर नागरिक को अपनी बात रखने की आजादी है।
प्रियंका गांधी की मुख्य मांगें:
- संसद में चर्चा: नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ी के मुद्दे पर संसद में तुरंत चर्चा कराई जाए।
- छात्रों की सुनवाई: सरकार पीड़ित छात्रों और उनके अभिभावकों से बातचीत करे।
- एजुकेशन बिल: परीक्षाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त ‘एजुकेशन बिल’ लाया जाए।
दो घंटे से ज्यादा सड़क पर डटे रहे नेता
मंगलवार को कांग्रेस और विपक्षी दलों के नेताओं ने पीएम आवास की ओर मार्च करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें बीच में ही रोक दिया। इसके बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव समेत तमाम वरिष्ठ नेता वहीं सड़क पर धरने पर बैठ गए।
नेताओं ने लगभग दो घंटे से अधिक समय तक सरकार विरोधी नारेबाजी की और छात्रों के लिए न्याय की मांग की। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया था।
राहुल गांधी और अखिलेश यादव भी हुए रिहा
कार्रवाई के दौरान पुलिस प्रियंका गांधी को मंदिर मार्ग थाने ले गई थी, जबकि राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव को छत्रसाल स्टेडियम व मॉडल टाउन इलाके में ले जाया गया था। हालांकि, बाद में अखिलेश यादव को भी छत्रसाल स्टेडियम लाया गया, जहाँ से देर रात सभी नेताओं को हिरासत से रिहा कर दिया गया।
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