चेहरे के दाग-धब्बों को दूर करता है हल्दी-चंदन

Date:

नई दिल्‍ली, 18 जनवरी (आईएएनएस): रोजमर्रा की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अक्‍सर अपनी सेहत पर ध्‍यान नहीं दे पाते। समय की कमी के कारण त्‍वचा रूखी और बेजान होने लगती है। डार्क सर्कल्स की समस्‍या से सब परेशान हैं। मौसम कोई भी हो लेकिन खूबियों से भरे हल्दी-चंदन का नियमित उपयोग चेहरे पर निखार ला सकता है।

हल्दी चंदन के क्या हैं फायदे क्या है नुकसान इस बारे में आईएएनएस ने डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. दिव्या सहाय से बात की।

डर्मेटोलॉजिस्ट ने बताया, ”अगर आप भी अपने चेहरे की चमक को बरकरार रखना चाहते हैं तो आज से ही महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट के बदले आयुर्वेदिक चीजों को अपनाएं। अगर आप समय से पहले अपनी त्‍वचा को तरोताजा और चमदार बनाना चाहते हैं तो आज से ही महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट की जगह हल्‍दी और चंदन का उपयोग करें।”

आयुर्वेद भी हल्दी को सबसे अहम जड़ी बूटी की श्रेणी में रखता है। तो आयुर्वेद के अनुसार चंदन या श्वेतचंदन श्रीगंधा के नाम से भी जाना जाता है। दोनों में ही एंटीऑक्सीडेंट के गुण पाए जाते हैं।

Hind Guru
Advertisement

डर्मेटोलॉजिस्ट के मुताबिक यह दोनों चीजें त्‍वचा में जान तो डालती ही हैं, साथ ही कई समस्‍याओं को भी दूर करने का काम करती हैं। सवाल उठता है आखिर इसका उपयोग कैसे और कितनी मात्रा में करें?

डॉ सहाय के अनुसार, ”आप चेहरे पर हल्दी और चंदन का फेसपैक इस्‍तेमाल कर सकते हैं। यह झाइयां कम करने के साथ चेहरे के दाग-धब्बों को भी दूर करने का काम करता है। चंदन आपके रंग में निखार लाने का काम करता है। इससे पिंपल संबंधी समस्याओं पर भी ब्रेक लगता है। अगर आप इसे नियमित तौर पर उपयोग करते हैं तो चमत्‍कारिक लाभ दिख सकता है।”

चंदन और हल्दी का फेसपैक बनाने के लिए आप दो चम्मच चंदन के पाउडर में एक चुटकी हल्दी और इसमें गुलाब जल मिलाकर अच्‍छे से मिक्‍स करना चाहिए। इसे हफ्ते में कम से कम दो बार अपने चेहरे पर जरूर लगाएं। 20 से 30 मिनट तक लगाकर रखें, और साफ पानी से चेहरा धो लें।

डॉ सहाय एक हिदायत भी देती हैं। वो ये कि अगर आप किसी तरह की स्किन एलर्जी की समस्‍या से जूझ रहे हैं तो डॉक्‍टर से सलाह लेकर ही इसका इस्‍तेमाल करें।

Share post:

Visual Stories

Popular

More like this
Related

‘Hum Aur Tum’: A Musical Journey Through Love, Longing and the Beautiful Shades of Life

Devanand Jha and Shweta Dubey mesmerise audiences with timeless...

इबरत का मुक़ाम: औलिया की चौखट और बादशाह का मक़बरा

दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में कदम रखते ही इतिहास,...

JMI Teaching, Non-Teaching Staff Condemn ‘Objectionable Slogans’; University Shifts Classes Online

New Delhi, October 24, 2026: Over 1,500 teaching and...