विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने अमेरिकी कंपनी Pfizer और जर्मन कंपनी BioNTech द्वारा विकसित संयुक्त वैक्सीन के आपातकालीन उपयोग को मंजूरी दे दी है, जो कोरोना से बचाव के लिए विकसित की गई है।
फाइजर(Pfizer) और बायोटेक(BioNTech) ने नवंबर के मध्य तक वैक्सीन की सफलता के परिणामों को जारी करते हुए कहा कि यह वैक्सीन कोरोना के खिलाफ 95% तक सुरक्षा प्रदान करता है।
परिणामों के जारी होने के बाद, कंपनियों ने विश्व स्वास्थ्य संगठन सहित कई देशों को वैक्सीन की मंजूरी के लिए आवेदन प्रस्तुत किए, जिनमें से सबसे पहले यूनाइटेड किंगडम ने आवेदन को मंज़ूर किया था।
यूनाइटेड किंगडम ने दिसंबर 2020 की शुरुआत में फाइजर(Pfizer) और बायोटेक(BioNTech) के वैक्सीन को आपातकालीन उपयोग को मंजूरी दी थी, जिसके बाद इसे 8 दिसंबर से वहां इसका इस्तमाल भी शुरू हो गया था।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा 31 दिसंबर, 2020 को जारी एक बयानमें पुष्टि की गयी कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने फाइजर और बायोएनटी के टीकों के उपयोग को मंजूरी दी थी।
- NEET Paper Leak: प्रश्नपत्र नहीं, देश के लाखों युवाओं का भविष्य लीक हो रहा है! -सैय्यद मोहम्मद काज़िम
- जामिया के पूर्व छात्र और सांसद जावेद अली खान ने निभाया वादा; छात्राओं के हॉस्टल के लिए दिए 50 लाख रुपये
- मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के जम्मू-कश्मीर संगठन संयोजक गुलशन कुमार का निधन, क्षेत्र में शोक की लहर
- आजम खान को 2 साल की सजा पर BJP की पहली प्रतिक्रिया, आकाश सक्सेना बोले- ‘यह उन नेताओं के लिए सबक…’
- वैश्विक परिस्थितियों के दृष्टिगत मुरादाबाद मण्डलायुक्त ने जारी किए 14 बिंदुओं के निर्देश, सरकारी वाहनों में होगी 50% कटौती
