” अभिव्यक्ति के नाम पर अश्लीलता और फूहड़ता बंद हो”- शोएब हुसैन चौधरी (फिल्म निर्माता एवं निर्देशक)

Date:

‘आज़ादी कभी बेलगाम नहीं हो सकती चाहे वह अभिव्यक्ति की आजादी ही क्यों ना हो। इसकी हमेशा कुछ न कुछ सीमा अवश्य होती है। अगर इस आजादी का इज़हार सांविधानिक और नैतिक सीमाओं के दायरे में रहकर किया जाए तो मैं इसका मरते दम तक समर्थन करना चाहूंगा, लेकिन अगर अगर कोई इन सीमाओं को लांघने का प्रयास करे तो मैं अपनी आखिरी सांस तक मुख़ालिफ़त करूंगा, चाहे वो एक्स वाई ज़ेड कोई भी हो।

सोशल नेटवर्किंग के इस युग की सबसे बड़ी विडम्बना यह है आज सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए कोई भी फूहड़ता की सभी सीमाओं को लांघ जाता है। नेशनल चैनल्स पर कॉमेडी के नाम पर फेस शेमिग और बॉडी शेमींग धड़ल्ले से की जाती है और ओपन माईक प्लेटफॉर्म्स पर स्टैंडअप कॉमेडी के नाम पर गाली और अश्लीता खुलेआम परोसी जाती है। कहीं टीआरपी का चक्कर होता है तो कहीं हिट्स और फॉलोअर्स बढ़ाने का। किसी की संवेदनाएं आहत होती हैं तो हों, समाजी ताना बाना प्रभावित हो तो हो, उन्हें इस से कोई फर्क नहीं पड़ता। हद तो यह है कि ऐसे घटिया जोक्स पर लोग सीटी मारते हैं और तालियां बजाते हैं।

ताज़ा मिसाल मुनव्वर फारूकी की है जहां वह एक विडियो में भगवान राम और मां सीता का मजाक उड़ाता हुआ नजर आता है और उसके घटिया जोक्स पर लोग तालियां बजाते हुए नजर आते हैं। उसके साथ कुछ हिंदूवादी संगठनों ने जो मारपीट की मैं उसके सही या ग़लत होने पर बहस नहीं करना चाहता। मैं तो बस भारत के संविधान और कानून के पहलू से मुनव्वर फारूकी की गिरफ्तारी और उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग करता हूं। यही नहीं मैं तो उन लोगों के खिलाफ भी कानूनी चाराजुई के हक़ में हूं जो ऐसे घटिया , असंवेदनशील और भड़काऊ जोक्स पर तालियां बजाता है।

    शोएब चौधरी
    शोएब हुसैन चौधरी- फिल्म निर्माता एवं निर्देशक

    रही बात मुनव्वर फारूकी की पिटाई की तो हम जिस समाज से आते है वहां प्रोफेट मुहम्मद(स.व.अ ) की शान में की गई छोटी सी गुस्ताखी को भी ‘ काबिल ए गर्दन जनी ‘ जुर्म समझा जाता है। डेनिश कार्टूनिस्ट और चार्ली हेब्रयू कार्टून दिखाने वाले एक टीचर की हत्या इसकी मिसाल है। इसीलिए मुनव्वर फारूकी की पिटाई कानूनी तौर से लाख ग़लत सही हो लेकिन कम से कम मैं इसकी शिकायत करने का नैतिक अधिकार नहीं रखता। मैं तो कहता हूं के मुस्लिम समाज को आगे आना चाहिए और मुनव्वर फारूकी को सख्त से सख्त सजा दिलाने की मांग करनी चाहिए।

    मैं एक जिम्मेदार शहरी हूं। इसका ट्विटर अकाउंट तो डिएक्टिवेट हो चुका है। मैं उसके उल्लेखित विडियो को रिपोर्ट कर रहा हूं और यूट्यूब से मांग करता हूं कि उसके इस वीडियो को डिलीट करने के साथ साथ उसके चैनल को ही बंद कर दिया जाए। आप सब भी यही कीजिए।

    Share post:

    Visual Stories

    Popular

    More like this
    Related

    बंगाल चुनाव का पहला चरण: हिंसा और ईवीएम की खराबी के बीच रिकॉर्ड 92% मतदान

    कोलकाता | 23 अप्रैल, 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव...

    ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से होगा ‘आतंकिस्तान’ का अंत: पहलगाम हमले की बरसी पर गरजे इंद्रेश कुमार

    न भूलेंगे, न छोड़ेंगे: मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने देशभर...

    Operation Sindoor to Continue Until ‘Terroristan’ is Eliminated: Indresh Kumar

    Muslim Rashtriya Manch Marks Pahalgam Attack Anniversary with Nationwide...

    जामिया मिल्लिया इस्लामिया स्कूल का कक्षा 10वीं बोर्ड रिजल्ट घोषित, छात्राएं फिर आगे रहीं

    नई दिल्ली, 22 अप्रैल 2026: जामिया मिल्लिया इस्लामिया स्कूल...