मुरादाबाद: मदरसे में छात्रा से वर्जिनिटी सर्टिफिकेट की मांग, एक गिरफ्तार

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मुरादाबाद के पाकबाड़ा थाना क्षेत्र स्थित मदरसा जामिया एहसानुल बनात गर्ल्स में आठवीं कक्षा की छात्रा से वर्जिनिटी सर्टिफिकेट मांगने का एक बेहद शर्मनाक और गंभीर मामला सामने आया था। आज पुलिस ने एडमिशन इंचार्ज शाहजहां को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि प्रिंसिपल रहनुमा अभी भी फरार है।

घटना का विवरण

चंडीगढ़ निवासी एक परिवार की बेटी वर्ष 2024 से इस मदरसे में सातवीं कक्षा से शिक्षा ग्रहण कर रही थी। पीड़ित के पिता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि सातवीं की परीक्षा के बाद बेटी को घर बुला लिया गया था। इसी बीच पत्नी अपनी बीमार मां की देखभाल के लिए प्रयागराज चली गईं।

जब पत्नी बेटी को वापस मदरसे में दाखिला दिलाने गईं, तो प्रबंधन ने मना कर दिया। मदरसा प्रशासन ने आरोप लगाया कि उन्हें फोन कॉल से सूचना मिली है कि पिता बेटी के साथ अनुचित व्यवहार करते हैं। इसी आधार पर मदरसे ने मेडिकल टेस्ट और सर्टिफिकेट जमा करने की शर्त रखी।

ट्रांसफर सर्टिफिकेट की अटकी प्रक्रिया

जब परिवार ने ट्रांसफर सर्टिफिकेट की मांग की, तो मदरसा प्रबंधन ने 500 रुपए लेकर फॉर्म भरवाया और पत्नी से लिखित में लिखवाया कि वह बेटी का मेडिकल कराएंगी। 21 अगस्त को शुल्क जमा करने के बावजूद अभी तक टीसी नहीं दी गई, जिससे छात्रा किसी अन्य स्कूल में दाखिला नहीं ले पा रही है।

पीड़ित पिता ने आरोप लगाया कि झूठे इल्जाम लगाकर बेटी की पढ़ाई रोक दी गई है और पूरे परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।

पुलिस की कार्रवाई

मुरादाबाद के एसपी सिटी रणविजय सिंह ने बताया कि पीड़ित परिवार की शिकायत पर पाकबड़ा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। एडमिशन इंचार्ज शाहजहां को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। प्रिंसिपल रहनुमा की तलाश जारी है। पुलिस मदरसे के अन्य स्टाफ और संबंधित लोगों से भी पूछताछ करेगी।

मदरसा प्रबंधन का पक्ष

मुफ्ती अरबाब शम्सी ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि छात्रा के माता-पिता में आपसी विवाद चल रहा है और वे अपनी लड़ाई में मदरसे को बदनाम कर रहे हैं।

यह मामला मदरसों में छात्राओं की सुरक्षा और प्रबंधन की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

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