अखिल भारतीय यूनानी तिब्बी कांग्रेस के फार्मेसी विंग की बैठक, उर्दू को दवा पैकेजिंग पर अनिवार्य करने पर जोर

Date:

नई दिल्ली: नई दिल्ली के दरियागंज में हकीम उज़ैर बकाई के क्लिनिक पर अखिल भारतीय यूनानी तिब्बी कांग्रेस (AIUTC) के फार्मेसी विंग की बैठक हकीम अरबाबुद्दीन (सदर दवाखाना) की अध्यक्षता में आयोजित हुई।

बैठक को संबोधित करते हुए AIUTC के महासचिव डॉ. सैयद अहमद खान ने क्लिनिकल प्रैक्टिस में क्लासिकल दवाओं का अधिकतम उपयोग करने पर जोर दिया। उन्होंने यूनानी फार्मास्यूटिकल संस्थानों से दवाओं के पैकेजिंग पर उर्दू भाषा छापने को अनिवार्य करने की अपील की, क्योंकि उर्दू और यूनानी चिकित्सा अटूट रूप से जुड़े हुए हैं। डॉ. खान ने कहा कि उर्दू यूनानी चिकित्सा की पहचान है और भारत के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने उल्लेख किया कि उर्दू की उत्पत्ति और विकास भारत में ही हुआ, इसलिए इस भाषा के प्रति संवेदनशील रहने की आवश्यकता है। साथ ही, उन्होंने कहा कि भारत में यूनानी चिकित्सा अपने सर्वोत्तम रूप में है और वर्तमान में विश्व नेतृत्वकर्ता की भूमिका निभा रहा है।

इस अवसर पर 12 फरवरी को लखनऊ में आयोजित होने वाले विश्व यूनानी चिकित्सा दिवस कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की गई।

बैठक में प्रमुख रूप से डॉ. ज़कीउद्दीन, डॉ. शकील अहमद मीरठी, डॉ. गयासुद्दीन सिद्दीकी, डॉ. मुफ्ती जावेद अनवर, डॉ. मिर्ज़ा आसिफ बेग, डॉ. फहीम मलिक, हकीम नईम रज़ा, हकीम मोहम्मद मुरतज़ा देहलवी, इसरार अहमद उज्जैनी और मोहम्मद इमरान कानूजी आदि शामिल हुए।

आभार प्रदर्शन हकीम उज़ैर बकाई, AIUTC फार्मेसी विंग के राष्ट्रीय महासचिव ने किया।

Share post:

Visual Stories

Popular

More like this
Related

‘Hum Aur Tum’: A Musical Journey Through Love, Longing and the Beautiful Shades of Life

Devanand Jha and Shweta Dubey mesmerise audiences with timeless...

इबरत का मुक़ाम: औलिया की चौखट और बादशाह का मक़बरा

दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में कदम रखते ही इतिहास,...

JMI Teaching, Non-Teaching Staff Condemn ‘Objectionable Slogans’; University Shifts Classes Online

New Delhi, October 24, 2026: Over 1,500 teaching and...