यह अचानक क्या हुआ कि कल तक सुप्रीम कोर्ट जिंदाबाद का जो नारा आजम खान लगा रहे थे आज उनके धुर विरोधी भाजपा नेता आकाश सक्सेना उर्फ हनी l सुप्रीम कोर्ट जिंदाबाद का नारा लगा रहे हैं।
आप को बता दें किं समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान(Azam Khan) पर प्रदेश में हुई सत्ता परिवर्तन के बाद 90 मुकदमे दर्ज किए गए। मुकदमों को लेकर रामपुर जिला न्यायालय से लेकर हाईकोर्ट इलाहाबाद और सुप्रीम कोर्ट तक कानूनी लड़ाई चल रही है।
आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। उनके बेटे अब्दुल्लाह आज़म के दो जन्म प्रमाण पत्र मामले में कोर्ट ने मांग खारिज कर दी है।
दरअसल, अब्दुल्लाह आज़म के दो जन्म प्रमाण पत्र मामले में आज़म खान ने सुप्रीम कोर्ट में एफआईआर रद्द किए जाने के लिए याचिका दायर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने आज़म खान को राहत नहीं दी।
आजम खान के राजनीतिक विरोधी और आजम खान पर दर्ज मुकदमे के वादी, बीजेपी नेता आकाश सक्सेना उर्फ हनी ने आज पत्रकार वार्ता कर सुप्रीम कोर्ट जिंदाबाद, हाई कोर्ट जिंदाबाद की सदा बुलंद की।

25 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट की कोर्ट नंबर 9 में आजम खान तरफ से एक एसएलपी पर सुनवाई हुई जिसमें आजम खान ने अपने बेटे अब्दुल्लाह आजम खान के दो अलग-अलग जन्म प्रमाण पत्र के मामले में एफ आई आर निरस्त करने की मांग की थी। जिसे माननीय सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया। यह फैसला आजम खान के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
दो दिन पहले ही आजम खान को राहत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आजम खान के ड्रीम प्रोजेक्ट जोहर यूनिवर्सिटी को लेकर हाई कोर्ट द्वारा दिए गए फैसले को सेट एसाइड कर दिया था जिसे आजम खान की बड़ी जीत माना जा रहा था और इसके बाद आजम खान ने अपने समर्थकों से सुप्रीम कोर्ट जिंदाबाद का नारा लगाने का आह्वाहन किया था।
दो दिन बाद ही उच्चतम न्यायालय में अब्दुल्लाह आजम खान के दो अलग-अलग जन्म प्रमाण पत्र के मामले में दर्ज एफआईआर को खारिज कराने की आजम खान की एस एल पी को खारिज कर दिया गया जो आजम खान के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। इस मामले में आजम खान की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल बहस कर रहे थे तो सरकारी वकील के साथ साथ वादी आकाश सक्सेना की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ अधिवक्ता मोनिंदर सिंह पैरवी कर रहे थे जो नुपुर शर्मा के वकील रहे हैं।
वीओ-3: दो जन्म प्रमाण पत्र मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अब्दुल्लाह आज़म का 2017 विधानसभा चुनाव भी रद्द कर दिया है था। आजम खान के वकील कपिल सिब्बल ने अदालत से आजम खान के विरुद्ध कूट रचित दस्तावेज बनने के मामले को रद्द करने के लिए मांग की थी लेकिन उच्चतम न्यायालय ने यह मामला ट्रायल कोर्ट पर छोड़ दिया और कोई राहत नहीं दी।
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