नई दिल्ली:– जाने माने उर्दू पत्रकार और एंकर ख़ुर्शीद रब्बानी एक बार फ़िर Tehzeeb TV India के साथ बतौर एडीटर इन चीफ़ जुड़ गए हैं। 2002 में न्यूज़18 उर्दू (ETV उर्दू) के साथ टीवी पत्रकारिता का सफ़र शुरू करने वाले ख़ुर्शीद रब्बानी साल 2017 में News18 से इस्तीफ़ा दे कर Zee Media के साथ जुड़े और वर्ष 2019 तक ज़ी सलाम में विभिन्न पदों पर काम किया, इसके बाद अगस्त 2019 से जुलाई 2020 तक तहज़ीब टीवी में Associate Vice President के ओहदे पर रहे। रब्बानी फ़िलहाल RNI News Digital में बतौर CEO & Group Editor काम कर रहे थे।
टीवी और डिजिटल मीडिया में विगत 20 सालों से काम कर रहे ख़ुर्शीद रब्बानी ने न्यूज़18 उर्दू (ईटीवी उर्दू) में 14 वर्ष से अधिक विभिन्न पदों पर रहते हुए “अधूरे ख्वाब”, “ख़ास मुलाक़ात” और “हमारे मिसाइल” जैसे कई चर्चित और आम आदमी से जुड़े मुद्दों को टीवी कार्यक्रमों द्वारा बख़ूबी पेश किया। ईटीवी में रहते हुए उन्होंने ईटीवी ग्रुप के तत्कालीन हैड जगदीश चंद्रा के ओएसडी के तौर पर भी काम किया साथ ही वे 2008-09 में ईटीवी न्यूज़ नेटवर्क के कंट्रोल रूम (ब्रेकिंग न्यूज़ डेस्क) के 7 राज्यों के हैड भी रहे। अप्रैल 2017 में ईटीवी उर्दू से एड़िटर (NB) के पद से इस्तीफ़ा देकर वे ज़ी मीडिया से जुड़े और ज़ी ग्रुप के उर्दू चैनल ज़ी सलाम में बतौर एडिटर इनपुट ज़िम्मेदारी संभाली और टीम के साथ मिल कर ज़ी सलाम को अक़्लियतों की आवाज़ बनाया और चैनल को नई बुलंदियों पर पहुंचाया। ज़ी मीडिया में रहते हुए उन्होंने ज़ी हिंदुस्तान, ज़ी सलाम और ज़ी हिंदी रीजनल चैनल्स के लिए “हमारी आवाज़” नाम का चर्चित कार्यक्रम बतौर एंकर-प्रोड्यूसर पेश किया इसके अलावा उन्होंने ज़ी सलाम में “बेबाक बात”, “आप के मसाइल” और “ग्राउंड ज़ीरो” जैसे कई चर्चित और टीआरपी बटोरने वाले कार्यक्रमों की एंकरिंग भी की।
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पिछले क़रीब दो साल से RNI News Digital में CEO & Group Editor की ज़िम्मेदारी संभाल रहे ख़ुर्शीद रब्बानी ने पिछले महीने ही अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया था और वे एक महीने के नोटिस पर थे। नोटिस पीरियड पूरा होने के बाद ख़ुर्शीद रब्बानी अब एक बार फ़िर तहज़ीब टीवी इंडिया के साथ जुड़ गए हैं। ख़ुर्शीद रब्बानी ने चैनल में अपनी प्राथमिकताओं के बारे में बताया कि Tehzeeb TV India के चेयरमैन श्री साहिल ख़ान की मंशा के मुताबिक़ टीम के साथ मिल कर तहज़ीब टीवी को उर्दू दुनिया का नंबर वन चैनल बनने और मुल्क की अवाम और देश के अक़्लियतों की आवाज़ बनाने के लिए काम किया जाएगा।
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