North Korea: तानाशाह किम जोंग ने अब समुद्र में पानी के भीतर से दागा न्यूक्लियर ड्रोन, क्या होगा दुश्मन पर इसका असर जानिए

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दो सप्ताह से कुछ अधिक समय में दूसरा अंडरवाटर ड्रोन परीक्षण, क्योंकि प्योंगयांग अपने हथियारों के विस्तार और आधुनिकीकरण के प्रयासों को जारी रखे हुए है।

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राज्य मीडिया के अनुसार, उत्तर कोरिया ने परमाणु सक्षम पानी के भीतर हमला करने वाले ड्रोन का एक और परीक्षण किया है।

तानाशाह किम जोंग उन की अगुवाई में कोरियाई सैन्‍य इंजीनियरों ने ऐसा न्यूक्लियर ड्रोन बनाया है, जो दुश्‍मन पर पानी के भीतर से हमला करेगा। इस ड्रोन को ‘हाइल-2’ नाम दिया गया है। कोरियाई भाषा में ‘हाइल’ का मतलब ‘सुनामी’ होता है।

कोरिया के सरकारी मीडिया KCNA ने 8 अप्रैल को इस बारे में जानकारी दी। बताया गया कि उत्तर कोरिया के ‘हाइल’ न्यूक्लियर ड्रोन ने अपने परीक्षण के दौरान हजार किलोमीटर की दूरी तय की और वो परीक्षण में सफल रहा. कोरियाई गतिविधियों पर नजर रखने वाले अमेरिका की एजेंसियां इससे भौचक्‍की रह गई हैं, क्‍योंकि ये ड्रोन समुद्र में दुश्मन पर चुपचाप हमला करने में माहिर है।

विश्लेषकों को संदेह है कि पानी के नीचे का वाहन तैनाती के लिए तैयार है या नहीं, लेकिन कहते हैं कि उत्तर कोरिया संयुक्त राज्य अमेरिका और दक्षिण कोरिया के खिलाफ अपने विविध हथियारों का प्रदर्शन करने के लिए उत्सुक है, जो हाल के हफ्तों में बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास कर रहे हैं।

गौरतलब है कि ये परीक्षण करने की जानकारी देने से 2 दिन पहले उत्तर कोरिया ने बढ़ते तनाव के लिए अमेरिका और दक्षिण कोरिया को जिम्मेदार ठहराया था. उसने कहा था कि इन दोनों देशों ने लगातार जॉइंट मिलिट्री ड्रिल्स कर तनाव को परमाणु युद्ध के मुहाने पर पहुंचा दिया है. तानाशाह किम जोंग ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया की ड्रिल्स के बदले आक्रामक कार्रवाई करने की भी चेतावनी दी थी।

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