नई दिल्ली: भारत में डिजिटल न्यूज़ चैनलों, सोशल मीडिया अकाउंट्स और स्वतंत्र पत्रकारों पर लगातार बढ़ रहे प्रतिबंधों के खिलाफ कोगिटो मीडिया फाउंडेशन (CMF) ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करने का फैसला किया है। फाउंडेशन का उद्देश्य इन पाबंदियों को चुनौती देना और डिजिटल मीडिया तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए एक मजबूत कानूनी लड़ाई लड़ना है।
पत्रकारों और क्रिएटर्स पर लगातार बढ़ रहा दबाव
फाउंडेशन का कहना है कि देश में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर काम करने वाले पत्रकारों को लगातार परेशान किया जा रहा है। कभी उन्हें विरोध प्रदर्शन (Protest) कवर करने से रोका जाता है, तो कभी उन्हें हिरासत में लेकर उनके साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। इसके अलावा, कई जाने-माने डिजिटल पत्रकारों और चैनलों के अकाउंट्स को या तो बैन कर दिया गया है या सस्पेंड कर दिया गया है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लाखों फॉलोअर्स वाले पत्रकारों के अकाउंट्स पर की जाने वाली ये कार्रवाई सीधे तौर पर प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला है। इसके साथ ही, सोशल मीडिया पत्रकारों से कथित तौर पर पीआईबी (PIB) कार्ड की मांग की जा रही है, जिसे फाउंडेशन ने पूरी तरह से गैर-कानूनी और डराने-धमकाने वाला कदम बताया है।
सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने की तैयारी
कोगिटो मीडिया फाउंडेशन ने साफ किया है कि जब तक सभी प्रभावित पत्रकारों के अकाउंट्स बहाल नहीं हो जाते और डिजिटल मीडिया को स्वतंत्र रूप से रिपोर्टिंग करने का अधिकार सुनिश्चित नहीं होता, तब तक यह कानूनी लड़ाई जारी रहेगी।
फाउंडेशन ने देश के सभी प्रभावित पत्रकारों और कंटेंट क्रिएटर्स से अपील की है कि जिनके भी सोशल मीडिया अकाउंट्स, पेज या डिजिटल चैनलों को बैन, ब्लॉक या प्रतिबंधित किया गया है, वे अपने समर्थन में दस्तावेज और पूरी जानकारी फाउंडेशन के साथ साझा करें।
कैसे करें संपर्क?
प्रभावित पत्रकार और कंटेंट क्रिएटर्स नीचे दिए गए माध्यमों से कोगिटो मीडिया फाउंडेशन से संपर्क कर सकते हैं:
- ईमेल: cogitomediafoundation@gmail.com
- मोबाइल नंबर: +91 9540926856
फाउंडेशन ने कहा है कि “आइए, डिजिटल मीडिया की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की आज़ादी की रक्षा के लिए एकजुट हों,” क्योंकि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को मजबूत रखना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।
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