रामपुर(रिज़वान ख़ान): जनपद रामपुर में पूर्व कैबिनेट मंत्री मो.आजम खान को कोर्ट ने चर्चित डूंगरपुर मामले में दोषी करार दिया है। एमपी एमएलए कोर्ट ने आज़म ख़ान सहित 4 लोगों को IPC धारा 452,504,506,427 ओर 120 B के तहत दोषी माना है और 3 लोगों को दोषमुक्त किया है। कोर्ट ने मामले में फैसला सुरक्षित किया है। 18 मार्च, सोमवार को कोर्ट अपना फैसला सुनाएगी। आज शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच आज़म ख़ान को सीतापुर जेल से रामपुर लाया गया था।
गौरतलब है कि सपा शासनकाल में डूंगरपुर में आसरा आवास बनाए गए थे। इस जगह पर पहले से भी कुछ लोगों के मकान बने हुए थे। आरोप था कि सरकारी जमीन पर बने घर बताकर वर्ष 2016 में उनको तोड़ दिया गया था। इस मामले में पीड़ितों ने लूटपाट का आरोप भी लगाया था।
वर्ष 2019 में भाजपा सरकार आने पर रामपुर के गंज थाने में इस मामले में करीब एक दर्जन अलग-अलग मुकदमे दर्ज कराए गए थे। आरोप लगाया कि सपा सरकार में आजम खां के इशारे पर पुलिस और सपाइयों ने आसरा आवास बनाने के लिए उनके घरों को जबरन खाली कराया था। वहां पहले से बने मकानों पर भी बुलडोजर चलवाकर ध्वस्त कर दिया गया था।
हालांकि इस तरह के एक मामले में रामपुर के एमपी एमएलए कोर्ट से पहले ही फैसला आ चुका है। तब आज़म खान को बरी कर दिया गया था।
इस मामले में आज़म खान ,पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खां, ठेकेदार बरकत अली और रिटायर्ड सीओ आले हसन दोषी पाए गए।
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