स्कूल के बच्चों में तो स्कूल से छुट्टी मारने का शौक अक्सर देखा जाता है लेकिन क्या कोई टीचर भी स्कूल से गैरहाजिर रहने की शौकीन हो सकती है..अगर आपको लगता है नहीं तो जरा गौर से देखिए यह खास रिपोर्ट-
रामपुर मैं 62 महीने तैनात रही शिक्षिका प्रीति यादव वेतन तो पूरा लिया लेकिन 5 साल से भी अधिक की इस अवधि में मात्र 38 दिन ही स्कूल में हाज़िर रहीं बाकी अनुपस्थित रही लंबे चौड़े तामझाम और बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की फौज लिखा पढ़ी करती रही और कागज़ी घोड़े दौड़ाती रही लेकिन इस शिक्षिका का कुछ भी बिगाड़ने में नाकाम रहै। शिक्षिका का टर्मिनेशन आदेश भी लिखा जा चुका है लेकिन वह अभी भी उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में नौकरी कर रही है।
यह लोकडाउन की बात नहीं है बल्कि 2011 से 2016 के बीच में 5 साल से भी अधिक की अवधि का मामला है जब 62 माह तक एक शिक्षिका प्रीति यादव रामपुर के स्कूल में तैनात रही लेकिन वह ड्यूटी पर केवल 38 दिन ही गई।
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