उत्तर प्रदेश/रामपुर(साजिद खान): अखिलेश यादव भले ही आज़म खान को तवज्जोह नही दे रहे हो पर आज़म खान अखिलेश यादव को रिझाने के कोई मौका नही छोड़ना चाहते।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के जन्मदिन पर समाजवादी पर्टी के रामपुर कार्यालय पर आज़म खान ने कुछ अलग अंदाज में केक काटा। उन्होंने एक हाथ मे चाकू लिया तो दूसरे में कलम, और फिर चाकू की जगह क़लम से ही केक काट दिया।
कलम से केक काटने के बाद उन्होंने कहा आज का यही संदेश है चाकू से काटा जाता है और कलम से तकदीर बदली जाती है।
इस मौके पर सपा मुखिया अखिलेश यादव को सलाह देते हुए उन्होंने कहा के समाजवाद का चोला ओढ़ कर आने वाले नकली समाजवादी लोगों ने बड़ा नुकसान किया है, जो समाजवादी पार्टी में दाखिल हो रहे हैं। हम चाहेंगे कि हमारा राष्ट्रीय नेतृत्व ऐसे लोगों को निकाले नहीं ठोकर मार कर हटा दे।
इस मौके पर बिना नाम लिए प्रदेश के मुखिया आदित्यनाथ योगी पर भी निशाना साधना नही भूले।
आज़म खान ने कहा, “अपमानित करने वाली बात कहते हो…! उन्हें जलील और रुसवा करने वाली बात कहते हो…! ऐसे लोग बर्दाश्त नहीं होंगे, मुस्लिम महिलाओं को कब्रों से निकालकर उनके साथ बलात्कार करने जैसी बातें करने वाले लोगों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खान ने अपने एक हाथ में कलम रखा और दूसरे हाथ में चाकू रखा और कहा यही संदेश है।समाजवादियों को चाकू को दिखाते हुए आजम खान ने कहा यह काटने के काम आएगा अभी काटेंगे और कलम की ओर इशारा करते हुए कहा यह तकदीर बदलेगा। तय कर ले लोग…तय कर ले चाकू की तरफ इशारा करते हुए कहा यह रास्ता सही है और उसके बाद कलम की तरफ इशारा करते हुए कहा क्या यह रास्ता सही है?
आजम खान ने कहा एक बात और कहेंगे हम आपसे जिन लोगों ने चोले बदलकर समाजवाद को धोखा दिया हमारे जैसे नेक दिल लोगों को धोखा दिया और समाज को बर्बाद किया ऐसे लोगों की माफी नहीं होना चाहिए, जो खुला और छुपा दुश्मन जो हमारी सफो में है हम उसे बर्दाश्त नहीं करेंगे, उन्हें अपनी सफो से निकालना शुरू करेंगे। हमें आज के दिन का इंतजार था हम एक संकल्प के साथ यह भी संकल्प लेते हैं हम अपने अंदर की छुपी हुई कालको से अपने आपको और आपको सच बोलने को याद दिलाने की पूरी कोशिश करेंगे और चाहेंगे हम जो लोग धोखा देकर झूठ बोलकर अपने चेहरों को सियायी पर सफेदी लगाकर समाजवादी पार्टी में दाखिल हो रहे हैं हम चाहेंगे कि हमारा राष्ट्रीय नेतृत्व ऐसे लोगों को निकाले नहीं ठोकर मार कर हटा दे क्योंकि उससे छोटा नहीं बड़ा नुकसान होगा हो सकता है और ऐसा हुआ भी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश की खासतोर से जो नतीजे आए हैं और फासिस्ट ताकतों ने जिस तरह से समाजवादी विचारधारा को नुकसान पहुंचाया है हम सबको उससे सबक लेने की जरूरत है। उसके कारणों पर हमें गौर करने की जरूरत है और डरने की जरूरत नहीं है मुकाबला करने की जरूरत है क्योंकि शायद हमें दूसरा मौका नहीं मिलेगा यह आखरी मौका होगा अगर घर के भेदी घर में रहे।
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