भारत समेत 60 देशों को US टैरिफ का बड़ा झटका? इन प्रोडक्ट्स पर लग सकता है 12.5% अतिरिक्त शुल्क

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US tariffs: वैश्विक व्यापार (Global Trade) के मोर्चे पर एक बड़ी हलचल देखने को मिल रही है। अमेरिका एक बार फिर भारत समेत दुनिया के 60 देशों पर भारी-भरकम टैरिफ लगाने की तैयारी में है। संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) ने मंगलवार को एक प्रस्ताव पेश किया है, जिसके तहत प्रमुख वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं से आने वाले सामानों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ और 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क (Duty) लगाया जा सकता है।

अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो वैश्विक बाजार में इसका बड़ा असर देखने को मिल सकता है।

क्यों लगा रहा है अमेरिका यह टैरिफ?

अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि एक जांच में यह बात सामने आई है कि इन 60 देशों से आयात (Import) किए जाने वाले कई सामान ‘जबरन श्रम’ (Forced Labor) यानी बंधुआ मजदूरी के जरिए तैयार किए जाते हैं। अमेरिकी नियमों के मुताबिक, ऐसे प्रोडक्ट्स के आयात पर सख्त पाबंदी है।

USTR की लिस्ट में भारत, चीन और ब्रिटेन भी शामिल

अमेरिकी व्यापार मंत्रालय (USTR) ने इस संबंध में 54 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की एक लिस्ट जारी की है। USTR का आरोप है कि ये देश जबरन श्रम से बनी वस्तुओं के आयात और सप्लाई चेन को रोकने तथा नियमों को सख्ती से लागू करने में नाकाम रहे हैं।

इस लिस्ट में शामिल प्रमुख देश:

  • एशिया-पैसिफिक: भारत, चीन, जापान, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, श्रीलंका, ताइवान, थाईलैंड।
  • मिडिल ईस्ट: इज़राइल, कतर, सऊदी अरब, यूएई (UAE)।
  • यूरोप व अन्य: रूस, स्विट्जरलैंड, यूनाइटेड किंगडम (UK) और तुर्की।

भारतीय निर्यात पर क्या होगा असर?

यदि यह अतिरिक्त शुल्क लागू होता है, तो अमेरिका को निर्यात (Export) होने वाले भारतीय प्रोडक्ट्स महंगे हो जाएंगे। इससे अमेरिकी बाजार में भारतीय सामानों की प्रतिस्पर्धा क्षमता पर असर पड़ सकता है। फिलहाल, भारतीय निर्यातकों और सरकार की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अमेरिका इस प्रस्ताव को कब और किस तरह अमलीजामा पहनाता है।

इस फैसले से वैश्विक सप्लाई चेन और विभिन्न देशों के साथ अमेरिका के व्यापारिक रिश्तों में एक बार फिर तल्खी देखने को मिल सकती है।