अतीक़ की हत्या मामले पर यूपी सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने फटकारा, उठाये गंभीर सवाल

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केस की सुनवाई के दौरान जस्टिस रवींन्द्र भट्ट ने पूछा,” 5-10 लोग उनकी सुरक्षा कर रहे थे… कोई कैसे आ सकता है और गोली मार सकता है? यह कैसे हो सकता है? किसी की मिलीभगत है।”

माफिया अतीक़ अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को नोटिस जारी किया है। जांच पर रिपोर्ट मांगते हुए कोर्ट ने कहा है कि अभी तक इस मामले में क्या हुआ है? मुक़दमा कहाँ तक पहुँचा?

कोर्ट ने इसकेअलावा भी एहम टिप्पड़ी करते हुए कहा कि अतीक़ और अशरफ की हत्या में कोई पुलिस वाला या प्रशासन का व्यक्ति शामिल है।

अतीक के दो नाबालिग बेटों की हिरासत पर सवाल

आजतक के मुताबिक़ सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस कस्टडी में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की हत्या के मामले में यूपी सरकार से रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने सरकार के ढीले रवैए पर नाराजगी जताते हुए कहा- हम जानना चाहते हैं कि जांच में अब तक क्या हुआ? मुकदमे किस चरण तक पहुंचे हैं? सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से यह भी पूछा कि अतीक के दो नाबालिग बेटों को न्यायिक हिरासत मे क्यों रखा गया है? अगर वो किसी अपराध में शामिल नहीं हैं तो उन्हें रिश्तेदारों को क्यों नहीं सौंपा जा सकता? 

दरअसल प्रयागराज के कॉल्विन अस्पताल के पास उस वक़्त हमला हुआ, जब पुलिस टीम अतीक और उसके भाई अशरफ अहमद को लेकर जा रही थी। जिस समय अतीक मीडिया से बात कर रहा था तभी तीन हमलावर अचानक बीच में पहुंचे और अतीक़ के कान पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जैसे ही अशरफ ने उधर देखा तो अशरफ पर भी हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसायीं।

मामले को टालने पर भी पुलिस को फटकार

अतीक़ के मामले को लेकर अतीक का परिवार सुप्रीम कोर्ट पहुंचा है। उसकी बहन आएशा नूरी और वकील विशाल तिवारी ने याचिका में डबल मर्डर की जांच के लिए रिटायर्ड जज के नेतृत्व में कमेटी गठित करने की मांग की है। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा कि यह सिर्फ हाई प्रोफाइल केस का मामला नहीं है। ऐसी घटनाएं जेल में भी हो रही हैं। कोर्ट ने पूछा कि वो कौन लोग हैं जो ट्रैक करते हैं? जेल से एक नेक्सस यानी मिलीभगत के जरिए काम किया जा रहा है।

इस पर यूपी सरकार के वकील ने कहा कि अतीक अहमद मामले में SIT चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। मामले में 3 लोगों को आरोपी बनाया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को मामले को टालने की मांग पर फटकार लगाई। जिसपर यूपी सरकार ने कहा कि हम मामले में याचिका पर विस्तृत जवाब दाखिल करेंगे।

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