Globaltoday.in|बरेली | गुलरेज़ खान
उत्तर प्रदेश (UP) में गैर कानूनी धर्मांतरण अध्यादेश लागू होने के बाद बरेली(Bareilly) में इसका पहला मामला दर्ज हुआ है।
बरेली में ‘लव जिहाद’ के आरोप में नए कानून के तहत जबरन धर्मांतरण को लेकर बरेली पुलिस ने पहली एफआईआर दर्ज की है।
मामला थाना देवरनिया क्षेत्र का है, जहां उवैस अहमद नाम के एक शख्स पर आरोप है कि वह दूसरे समुदाय की छात्रा को प्रलोभन देकर जबरन धर्म परिवर्तित करने का दवाब बना रहा है। पीड़ित छात्रा के पिता की शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर आरोपों की जांच शुरू कर दी है। उवैस को फरार बताया जा रहा है।
प्रभारी एसएसपी संसार सिंह ने बताया कि देवरनिया क्षेत्र के गांव शरीफ नगर के रहने वाले किसान ने थाना पुलिस से की गई शिकायत में कहा कि पढ़ाई के समय गांव के उवैस अहमद पुत्र रफीक अहमद ने उसकी बेटी से जान-पहचान कर ली थी। आरोप है कि उवैस अहमद बहला-फुसलाकर प्रलोभन और दवाब में लेकर छात्रा पर धर्म परिवर्तन के लिए दवाब बना रहा है। अपनी साजिश को पूरा करने के लिए वह लगातार दवाब बनाने में लगा है। विरोध पर छात्रा के पिता और परिवार को जान से मारने की धमकी देता है और गाली-गलौज करता है।
उन्होंने यह भी बताया कि छात्रा के पिता की शिकायत को गंभीरता से लेकर आरोपी के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधि विरुदध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 3/5 और धारा 504, 506 के तहत केस दर्ज कर आरोपों की जांच शुरू कर दी है।
यहां बता दें कि जबरन धर्म परिवर्तन का उत्तर प्रदेश में यह पहला मुकदमा है, वहीं मामले में गंभीरता दिखाते हुए पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
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