कांग्रेस ने तेजस्वी यादव को बिहार महागठबंधन का सीएम फेस घोषित किया, मुकेश सहनी बने डिप्टी सीएम

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पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले महागठबंधन ने बड़ा फैसला लेते हुए राष्ट्रीय जनता दल के तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया है। बिहार कांग्रेस के चुनाव प्रभारी और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने महागठबंधन के सभी घटक दलों की उपस्थिति में यह ऐलान किया। साथ ही उन्होंने मुकेश सहनी को उपमुख्यमंत्री पद के लिए घोषित किया और बताया कि एक अन्य दल से एक और डिप्टी सीएम होंगे।

तेजस्वी बिहार के युवाओं से जुड़े नेता

अशोक गहलोत ने तेजस्वी यादव को सीएम फेस बनाने के फैसले की व्याख्या करते हुए कहा कि तेजस्वी एक युवा नेता हैं जो बिहार के युवाओं से सीधे कनेक्ट करते हैं। उन्होंने कहा कि तेजस्वी को युवाओं की परेशानियों की गहरी समझ है और वे उनका समाधान निकालने के लिए हमेशा आगे बढ़कर काम करते हैं। गहलोत ने तेजस्वी को बिहार का भविष्य करार दिया।

2020 के चुनाव का हवाला देते हुए तारीफ

अशोक गहलोत ने 2020 के विधानसभा चुनाव का उल्लेख करते हुए कहा कि तेजस्वी ने उस समय कमाल का प्रदर्शन किया था और जीत के बेहद करीब थे। उन्होंने कहा कि केवल मामूली वोटों के अंतर और धन बल की वजह से एनडीए की सरकार बनी थी। इसी आधार पर इंडिया गठबंधन ने सर्वसम्मति से तेजस्वी यादव को महागठबंधन का मुख्यमंत्री चेहरा घोषित किया है।

एनडीए से सवाल – आपका सीएम फेस कौन?

अशोक गहलोत ने एनडीए से पलटवार करते हुए पूछा कि महागठबंधन ने अपना नेता तय कर लिया है, अब एनडीए भी बताए कि उनका नेता कौन है। उन्होंने अमित शाह के बयान का हवाला देते हुए कहा कि भाजपा कह रही है कि संसदीय दल तय करेगा कि सीएम कौन होगा, जिसका मतलब है कि उनके बीच संशय है। उन्होंने महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा ने वहां एकनाथ शिंदे के नाम पर चुनाव लड़ा लेकिन बाद में अपना सीएम बना लिया।

देश में लोकतंत्र पर हमला

अशोक गहलोत ने देश की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि हालात गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की आलोचना करने वालों को जेल भेजा जा रहा है, चाहे वे पत्रकार हों या एक्टिविस्ट। उन्होंने कहा कि जनता बदलाव चाहती है और मल्लिकार्जुन खड़गे तथा राहुल गांधी के आकलन में भी यही निकला। गहलोत ने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठी शक्तियों का लोकतंत्र में कोई यकीन नहीं है और उन्होंने सिर्फ डेमोक्रेसी का मुखौटा लगा रखा है।

उन्होंने कहा कि पिछले बिहार चुनाव और लोकसभा चुनाव में महागठबंधन का शानदार प्रदर्शन रहा। उन्होंने याद दिलाया कि लोकसभा चुनाव में भाजपा को 240 सीटों पर सीमित कर दिया गया, जो 400 सीटों के नारे लगा रहे थे।

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