ढाका: बांग्लादेश की एक अदालत ने शेख हसीना सरकार के शासनकाल के दौरान जबरन गायब किए जाने और अत्याचार से जुड़े मामलों में 15 वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को जेल भेजने का आदेश दिया है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, आरोप है कि हसीना सरकार के समय इन अधिकारियों ने गुप्त हिरासत केंद्र बनाए, लोगों को अवैध रूप से बंद रखा, और अमानवीय व्यवहार किया। अदालत में आज पेशी के दौरान अभियुक्तों ने जमानत की अर्जी दी थी, लेकिन सुनवाई के बाद अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी और हिरासत में लेने का निर्देश दिया।
यह बांग्लादेश के इतिहास में पहली बार है जब पाँच जनरलों समेत उच्च सैन्य अधिकारियों पर जबरन गायब करने के मामलों में औपचारिक रूप से आरोप तय किए गए हैं। बताया जा रहा है कि सभी आरोपी बांग्लादेश की सैन्य खुफिया एजेंसी या रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) से संबद्ध रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि 2024 में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान एक हजार से अधिक लोगों की मौत हुई थी। इन हिंसक प्रदर्शनों के बाद शेख हसीना देश छोड़कर भारत आ गई थीं।
- लखनऊ में दिल दहलाने वाला हादसा: कोचिंग सेंटर में भीषण आग, 15 बच्चों की दर्दनाक मौत, कई गंभीर

- शांति वार्ता फ्लॉप! डोनाल्ड ट्रंप की धमकी से भड़के ईरान ने बातचीत बीच में छोड़ी, कहा- ‘हमारी सेना…’

- आधुनिक जीवन में योग स्वस्थ मन और शरीर का आधार: केंद्रीय विद्यालय संगठन के आयुक्त ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर किया आह्वान

- NEET UG 2026: राजस्थान में बुर्का पहनने पर रोकी गई छात्रा, हंगामे के बाद मिली परीक्षा की अनुमति

- अमेरिका-ईरान संघर्षविराम में पाकिस्तान की ऐतिहासिक मध्यस्थता; वैश्विक कूटनीति में बढ़ा क़द

- अमेरिका-ईरान समझौते पर भड़का इजरायल, ट्रंप के खिलाफ नाराजगी बढ़ी; लाइव टीवी पर नाम में ‘हुसैन’ जोड़ने से विवाद

