Globaltoday.in| रईस अहमद | रामपुर
सुनने में भले ही अटपटा लगे लेकिन एक मुर्दा महिला बोल पड़ी,“साहब मैं ज़िंदा हूँ।” यह सुनकर डीएम साहब भी चौंक गए क्यूँकि यह सब हुआ जनपद रामपुर के जिलाधिकारी के सामने।
उत्तर प्रदेश के जनपद रामपुर में जिलाधिकारी के सामने एक महिला आई और अपने जीवित होने की दुहाई देने लगी।
महिला यूँ तो ज़िंदा ही थी लेकिन सरकारी रिकॉर्ड में वह कभी कि मर चुकी थी। उसको मृत दिखाकर उसकी पेंशन रोक दी गई थी।
महिला ने डीएम से गुहार लगाकर कहा साहब मैं ज़िंदा हूँ और मुझे मरा हुआ दिखा कर 2 साल से मेरी पेंशन रोक दी गई है।
ग़ौरतलब है कि ऐसी घटनाएं तब ही देखने को मिलती हैं जब पेंशन के लिए घूस की मांग की जाती है और रिश्वत देने से मना करने पर पेंशन रोकने के लिए लाभार्थी को मृतक दिखाकर पेंशन रोक दी जाती है।
सचिव ने रिपोर्ट में महिला को मृत दिखाया
जनपद रामपुर की तहसील मिलक के जनुनागर गाँव निवासी चंद्रावती जिसकी उम्र लगभग 70 वर्ष है। लेकिन उसको काग़ज़ों में मरा हुआ दिखा कर उसकी 2 साल से पेंशन रोक दी गई। थक हार कर पीड़ित बुजुर्ग महिला ने जिलाधिकारी से गुहार लगाई।
जिलाधिकारी ने बुजुर्ग महिला की शिकायत की जांच कराई तो जांच में सही पाया गया कि जीवित महिला को काग़ज़ों में मरा हुआ दिखा कर उसकी पेंशन रोक दी गई है। इसके बाद जिलाधिकारी ने समाज कल्याण अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
इस मामले पर हमने बुजुर्ग महिला चंद्रावती से बात की तो उन्होंने बताया कि मैं डीएम साहब से मिली थी और मैंने कहा साहब मैं ज़िंदा हूँ ,मुझे कागजों में मरा हुआ दिखा दिया और मेरी 2 साल से पेंशन भी रोक दी गई मुझे इंसाफ चाहिए और मेरी पेंशन चाहिए।
वहीं इस मामले पर हमने जिला अधिकारी आंजनेय कुमार सिंह ने ग्लोबलटुडे को बताया कि तीन-चार दिन पहले जनुनागर की एक महिला चंद्रावती शिकायत लेकर उनके पास आई थी। उसकी शिकायत की जांच कराई तो जांच में पाया गया कि वाकई में उसका नाम वृद्धा पेंशन में नहीं है।

उन्होंने बताया कि सचिव ने रिपोर्ट लगाई थी कि यह महिला वहां जनुनागर में नहीं रहती है, यह कहीं और रहती है। दूसरी बार जांच कराई गई तो दूसरी बार भी सचिव ने यही लिखा कि ये यहां नहीं रहती कहीं अपने रिश्तेदार के यहां रहती हैं। इसके आधार पर समाज कल्याण अधिकारी द्वारा इस की पेंशन को रोक दिया गया।
जिलाधिकारी आंजनेय कुमार ने समाज कल्याण अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
जिलाधिकारी ने बताया कि ऐसे और भी 30-40 मामले सामने आए हैं जिसमें सीडीओ जांच कर रही हैं। इसमें जहां पर भी लापरवाही दिखेगी वहां पर कार्यवाही की जाएगी।
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