Globaltoday.in| उबैद इक़बाल | नई दिल्ली
बसपा सांसद कुँवर दानिश अली देश की संसद में देश व समाज के हर गम्भीर मुद्दे पर बोलते ज़रूर हैं।
दिल्ली दंगों के नाम पर गिरफ्तार बेगुनाहों की बात के साथ दानिश अली ने कॉमेडियन मुनव्वर फारुकी, किसान आंदोलन में गिरफ्तार पत्रकार मनदीप सिंह और हाथरस मनीषा वाल्मीकि गैंगरेप की घटना को निष्पक्ष कवर करने वाले पत्रकार कप्पन सिद्दीकी आदि की गिरफ्तारीयों को भी उन्होंने देश की संसद में रखा और लिख कर विरोध दर्ज कराया।
देश के हलात पर तानाशाही कितनी ही हावी हो चुकी हो लेकिन दानिश अली (Danish Ali) मोदी सरकार व संसद सदन की पंचायत को हर मज़लूम की आवाज़ से अवगत कराने से नही रुकते हैं।
अमरोहा की जनता को शायद यह बहुत कम पता था कि चुनाव जीत कर जाने के बाद समाज के हालात व जनता की तकलीफों को सदन में दर्ज कराना सबसे ज़रूरी होता है। कुँवर दानिश अली एक पढ़े-लिखे, सलाहियत मंद चुने हुए नेता हैं जो बड़ी ही संजीदगी से, बिना किसी दिखावे और हंगामो के बीच भारत की संसद में अपने फर्ज को अदा करते हैं। यही वजह है कि देश के समझदार लोग उनके क़ायल हैं।
मोदी सरकार कितनी ही बहरी हो, उसे विरोध सुनना चाहे कितना ही न पसन्द हो, मगर संसद में अमरोहा सांसद दानिश अली का रिकॉर्ड देखो तो रिकॉर्ड बताता है कि उन्होंने देश की पंचायत में संसद में बोलना कभी बंद नहीं किया।
किसान, नौजवान विद्यार्थी, कलाकार, पत्रकार, यूनिवर्सिटी और गरीब मज़दूरों आदि के हर मुद्दे को सदन में कुंवर दानिश अली ने दर्ज ज़रूर कराया है।
- नेपाल के सुनसरी में सांप्रदायिक हिंसा के बाद कर्फ्यू, 3 की मौत: जानें क्या है पूरा मामला

- संभल: ‘गांव-गांव तक पहुंचाएं संगठन की विचारधारा’, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की बैठक में बोले मज़ाहिर ख़ान

- जौहर यूनिवर्सिटी से भर्ती घोटाले तक: आजम ख़ान पर ED का शिकंजा कसने की तैयारी, रामपुर पुलिस ने भेजीं 84 मुकदमों की फाइलें

- रामपुर: आजम खान से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रहे जज का तबादला, ‘क्वालिटी बार’ केस टला

- समाधान दिवस में पहुंचीं 13 शिकायतें, मौके पर एक का भी निस्तारण नहीं

- विश्व उर्दू दिवस पुरस्कार 2026 की घोषणा: डॉ. इदरीस अहमद को लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड

