2021 में तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद जर्मनी ने अफगानिस्तान में निर्वासन रोक दिया था और काबुल में अपना दूतावास बंद कर दिया था। लेकिन तालिबान के सत्ता में आने के बाद पिछले साल निष्कासन फिर से शुरू हो गया।
जर्मनी ने शुक्रवार को कहा कि उसने अपराधों के लिए दोषी ठहराए गए 81 अफगान लोगों को तालिबान नियंत्रित उनके देश वापस भेज दिया है, जबकि चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ की सरकार आव्रजन पर सख्त रुख अपनाने का संकेत दे रही है।
जर्मन गृह मंत्रालय ने कहा कि इन लोगों को लेकर एक विमान शुक्रवार सुबह अफगानिस्तान के लिए रवाना हुआ। मंत्रालय ने कहा कि सभी निर्वासितों पर निष्कासन आदेश लागू थे और आपराधिक न्याय प्रणाली द्वारा उन्हें दोषी ठहराया गया था।
जर्मन मीडिया के अनुसार, सरकार ने लीपज़िग हवाई अड्डे से एक विशेष उड़ान के माध्यम से 81 अफगानियों को वापस अफगानिस्तान भेज दिया।
निर्वासित अपराधियों में वे अफगान नागरिक भी शामिल थे जिनके शरण आवेदन अस्वीकार कर दिए गए थे। जर्मन आंतरिक मंत्रालय ने कहा कि निर्वासित अफगानों को सुरक्षा के लिए खतरा माना गया है।
जर्मन गृह मंत्री अलेक्जेंडर डोब्रां ने कहा कि एक सख्त नीति लागू की जा रही है और भविष्य में भी ऐसे उपाय जारी रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि जर्मनी में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है और हम अपने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हैं।
जर्मन मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अदालती फैसले के तहत प्रत्येक निर्वासित व्यक्ति को एक हजार यूरो भी दिए गए।
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