पटना: बिहार विधानसभा चुनाव के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। आरजेडी ने आरोप लगाया है कि नीतीश सरकार महिलाओं के खातों में 10 हजार रुपये भेजकर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन कर रही है। इस मामले में आरजेडी के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर शिकायत की है। उन्होंने कहा कि चुनावी अवधि में सरकार द्वारा धन वितरण स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की भावना के खिलाफ है। मनोज झा ने आयोग से तुरंत कार्रवाई कर इसे रोकने की मांग की।
इसी मुद्दे पर महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने भी चुनाव आयोग को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने कहा, “चुनाव आयोग मर चुका है क्या? चुनाव के बीच 10 हजार की रिश्वत बांटी जा रही है।” तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बीजेपी इस बार बिहार को लूटने वाले भ्रष्ट अधिकारियों के जरिए गरीब राज्य के खजाने से पैसा बांट रही है।
तेजस्वी ने आगे कहा कि एनडीए प्रत्याशियों द्वारा चुनाव के दौरान हिंसा और हत्याओं की घटनाएं बढ़ रही हैं, लेकिन प्रशासन और आयोग मूकदर्शक बने हुए हैं। उन्होंने कहा कि आयोग नैतिकता और निष्पक्षता की सीमाएं लांघ चुका है।
राजद नेता ने यह भी आरोप लगाया कि बिहार में अपराधी बेलगाम होकर सत्ता के संरक्षण में हैं और सरकार की मशीनरी चुनावी निष्पक्षता को खत्म करने में लगी है। उन्होंने दावा किया कि जनता सब देख रही है और आने वाले चुनाव में एनडीए को सत्ता से बाहर कर देगी।
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