पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ने एक बार फिर से बागी तेवर अपनाते हुए आजम खान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है
उत्तर प्रदेश/रामपुर(रिज़वान ख़ान): लोकतंत्र के महापर्व का आगाज हो चुका है। चंद सप्ताह के बाद देशभर में लोकसभा के चुनाव होने हैं। ऐसे में सत्ता और विपक्षी दलों के बीच अपनी अपनी पार्टियों में वजन रखने वाले नेताओं को अपने पाले में लाने की कवायत शुरू हो चुकी है। बावजूद इसके उत्तर प्रदेश के रामपुर में मामला कुछ उलट देखने को मिला है। यहां पर अपने आप को वरिष्ठ सपाई नेता मानने वाले पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मशहूर अहमद मुन्ना ने पार्टी महासचिव आजम खान के खिलाफ एक बार फिर से मोर्चा खोल दिया है और पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव से अपने लिए लोकसभा के टिकट की मांग कर डाली है।
रामपुर से जिला परिषद के अध्यक्ष रह चुके मशकूर अहमद मुन्ना एक समय सपा के वरिष्ठ नेता आज़म खान के बेहद नजदीकियों में शुमार होते थे। लेकिन वक्त का पहिया ऐसा पलटा कि दोनों के बीच अनबन शुरू हो गई। जिसका परिणाम यह निकला कि पूर्व में आजम खान द्वारा घोषित उपचुनावों के प्रत्याशियों के खिलाफ सीधा मोर्चा खोलते हुए मशकूर अहमद मुन्ना ने गांधी समाधि पर धरना तक देर डाला था।
अब लोकसभा के चुनाव का बिगुल बज चुका है। चंद सप्ताह के बाद लोकसभा के चुनावों की तारीखों की घोषणा होनी है। भाजपा पूरे दमदम के साथ चुनाव मैदान में है और उसमें मजबूत प्रत्याशी के नाम को लेकर मंथन चल रहा है। दूसरी ओर समाजवादी पार्टी का रामपुर से कार्यालय तक छिन चुका है। आजम खान अपनी पत्नी और बेटे के साथ अलग-अलग जेलों में बंद है। चुनाव को लेकर सपा नेता मशकूर अहमद मुन्ना के द्वारा एक अलग पार्टी कार्यालय स्थापित किया जा चुका है। लेकिन आजम खान पक्ष के सपाई पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष को निष्कासित और बागी नेता करार देते चले आ रहें हैं। जिसके चलते उनके पक्ष के तीन नेताओं के नाम की चर्चा टिकट पाने को लेकर बाजार में गर्म है। जबकि मशकूर अहमद मुन्ना का नाम इस चर्चा से दूर-दूर तक नहीं है। इन्हीं चर्चाओं के बीच पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष ने एक बार फिर से बागी तेवर अपनाते हुए आजम खान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और पार्टी सुप्रीमो अखिलेश यादव से लोकसभा के टिकट की मांग कर डाली है।
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मशकूर अहमद मुन्ना का कहना है कि रामपुर में समाजवादी पार्टी का अच्छा खासा वोट है और वह जिस बिरादरी से आते हैं उनको अब तक आजम खान की सरपरस्ती में कभी कुछ नहीं मिला है। लिहाजा उन्होंने अपनी तुर्क बिरादरी के ढाई लाख वोटो का आंकड़ा रखते हुए सपा सुप्रीमो से लोकसभा के टिकट की मांग की है. इसके लिए उनकी ओर से बाकायदा पार्टी सुप्रीमो को लेटर भी लिखा गया है।
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