Alt News के सह-संस्थापक और फैक्ट चेकर्स मोहम्मद जुबैर और प्रतीक सिन्हा को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए टाइम पत्रिका की “पसंदीदा” सूची में शामिल किया गया है।
नोबेल शांति पुरस्कार के लिए जिन नामों को आखिरी सूची में शामिल किया गया है उनमें भारत की फैक्ट चेकिंग वेबसाइट आल्ट न्यूज के संस्थापक प्रतीक सिन्हा और मोहम्मद जुबैर के नाम भी शामिल हैं।
ज़ुबैर और प्रतीक दोनों मिलकर भारत में फर्जी सूचनाओं का खुलासा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। सिन्हा और जुबैर सुव्यवस्थित तरीके से सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों और फेक न्यूज पर विराम लगा रहे हैं।’
बता दें कि कुछ महीने पहले फैक्ट चेकर जुबैर को एक विवादित ट्वीट के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। हालांकि बाद में उन्हें कोर्ट से जमानत मिल गई थी।
जुबैर को एक विवादित ट्वीट करने के आरोप में जून महीने में अरेस्ट किया गया था। हालांकि बाद में उन्हें कोर्ट से जमानत मिल गई। उनकी गिरफ्तारी का सोशल मीडिया पर विरोध भी हुआ था। इस मुद्दे पर कई दिनों तक मीडिया में भी चर्चा हुई थी। कई लोगों का कहना था कि उनकी गिरफ्तारी प्रतिशोध के तौर पर की गई है।
नोबेल शांति पुरस्कार की स्थापना साल 1895 में स्वीडन के केमिस्ट अल्फ्रेड नोबेल ने किया था। अल्फ्रेड नोबेल ने ही डायनामाइट की खोज की थी। दुनिया में नोबेल शांति पुरस्कार को सबसे प्रतिष्ठित सम्मान माना जाता है। इस पुरस्कार को उस व्यक्ति को दिया जाता है जिसने ‘मानवता के लिए सबसे हितकारी काम किया है।’
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