रामपुर: भारत में इटली के राजदूत एंटोनियो बार्टोली, इक्वाडोर के राजदूत फर्नांडो जेवियर बुचेली, पेरू के राजदूत जेवियर मैनुअल पॉलिनिच वेलार्डे और इटली की लौरा जियोवाना रॉसी के शनिवार को नूर महल पहुंचने पर पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने स्वागत किया।
राजनयिकों ने हामिद मंज़िल स्थित रजा लाइब्रेरी, इमामबाड़ा किला और खासबाग पैलेस समेत कई ऐतिहासिक धरोहरें देखीं। गांधी समाधी पर पुष्प अर्पित कर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
तीनों राजदूत हामिद मंजिल कि भव्यता देखकर हैरान रह गए। नवेद मियां ने उन्हें बताया कि रामपुर रियासत के शासकों द्वारा कायम भाईचारे की मिसाल हामिद मंजिल के रूप में आज भी मौजूद है। हामिद मंजिल के चार गुंबद हैं। इनमें एक मस्जिद, दूसरा मंदिर, तीसरा गुरुद्वारा और चौथा चर्च की तर्ज पर बना है। उन्होंने कहा कि अब न रियासत रही और ही शासन, लेकिन कोशिश यही है की आपसी प्रेम और सद्भाव की परपंरा बनी रहे।राजनयिकों ने रजा लाइब्रेरी में पूर्व सांसद बेगम नूरबानो को दहेज में मिले लोहारू कलेक्शन को देखा।
गांधी समाधी और खासबाग पैलेस का इतिहास जानकर राजदूत बेहद प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि रामपुर को टूरिज्म मैप पर लाया जाना चाहिए। किला और खासबाग के इमामबाड़े पहुंचे राजनयिकों को नवेद मियां ने मोहर्रम माह के महत्व के बारे में बताया। राजनयिकों ने दोनों इमामबाड़ों में शमा रौशन की। राजदूत बिलासपुर गेट स्थित शन्नू खां की आबाया फैक्ट्री भी पहुंचे और अरेबियन अबाया निर्माण कार्य को देखा।
पूर्व मंत्री के पीआरओ काशिफ खां ने बताया कि तीनों देशों के राजनयिक रविवार को कोठी शाहबाद का भी दौरा करेंगे।
