रामपुर बाईपास बना मौत का हाईवे, नहीं रुक रहा दुर्घटनाओं में मौत का चक्र

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रामपुर: मुरादाबाद से बरेली के लिए बनाया गया रामपुर बाईपास सवालों के घेरे में है। एक के बाद एक हो रही दुर्घटनाओं में मौत का सिलसिला नहीं थम रहा है।

ताजा घटना में बीती रात शाहजहांपुर से दिल्ली जा रही डबल डेकर बस और मुरादाबाद की ओर से आ रहे ट्रक में सामने से भिड़ंत हो गई जिसमें 1 महिला सहित छह लोगों की मौत हो गई और 45 लोग घायल हो गए। 5 यात्रियों की दुर्घटना स्थल पर तो एक की रामपुर जिला अस्पताल पहुंचकर मौत हो गई।

मृतकों के नाम हैं शमीमुलहक 35 वर्ष, नसीम खान 52 वर्ष, अब्दुलवहीद 50 वर्ष एवम एक महिला साक्षी 26 वर्ष सभी शाहजहांपुर के निवासी हैं जबकि दो अज्ञात हैं जिनकी उम्र लगभग 25 वर्ष ब दूसरे की लगभग 40 वर्ष है।

कोतवाली सिविल लाइन क्षेत्र में कोसी नदी के पुल के पास जीरो पॉइंट के निकट हुई भीषण दुर्घटना की सूचना पर प्रशासन के हाथ पांव फूल गए एडिशनल एसपी संसार सिंह एडीएम एसडीएम सदर दुर्घटना स्थल पर पहुंच गए और बचाव कार्य के लिए तीनों थानों की पुलिस फोर्स बुला ली गई। सरकारी एंबुलेंस के अलावा प्राइवेट एंबुलेंस भी कॉल की गई घायलों को रामपुर के जिला अस्पताल इलाज के लिए भेजा गया जबकि मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिए गए।

ताजातरीन दुर्घटना ने एक बार फिर रामपुर बाईपास के जीरो पॉइंट की बनावट और उसकी तकनीक पर उठाए जाते रहे सवालों को एक बार फिर ताजा कर दिया है।

जिस तरीके से मुरादाबाद की ओर से आते हुए कोसी नदी के पुल पास करते ही रामपुर नगर की ओर जाने वाले बाएं मार्ग को पुलिस द्वारा अवरुद्ध कर दिया जाता है और वहां बनाई गई अस्थाई पुलिस चौकी पर अक्सर वाहन रोक दिए जाते हैं जिसके चलते मोड़ पर जाम भी लग जात है और हाईवे से आने वाले तेज रफ्तार वाहनों को रामपुर की ओर से जाने वाले वाहनों का दिखना बाधित हो जाता है।

रामपुर की ओर से मुरादाबाद जाने वाला वाहन अक्सर ही मुरादाबाद से बरेली जाने वाले वाहनों की तेज रफ्तार वाहनों की जद में आ जाता है साथ ही मुरादाबाद से रामपुर नगर की ओर जाने वाले रास्ते को पुलिस द्वारा अवरुद्ध किए जाने से मुरादाबाद से आने वाला ट्रैफिक भी रामपुर नगर की ओर जाने के लिए उसी रास्ते को प्रयोग करने को मजबूर होता है जिस पर बरेली से की ओर से आने वाले ट्रैफिक को रामपुर नगर की ओर मुड़ना होता है। यही सब दुर्घटनाओं का कारण बन जाता है और हर बार दुर्घटना के बाद प्रशासन बचाव कार्य निपटा देने के बाद अपनी पीठ थपथपाते नजर आता है लेकिन दुर्घटनाओं के कारण और बाईपास की संरचना की तकनीकी कमी पर कोई ना तो विचार किया जाता है और ना ही पुलिस द्वारा चेकिंग के नाम पर मुरादाबाद की ओर से सीधे रामपुर नगर की ओर मोड़ने वाले रास्ते को अवरुद्ध किए जाने पर कोई स्पष्ट नीति ही तय की जाती है।

एक महिला सहित पांच लोगों की जान इस दुर्घटना में गई है और 45 लोग घायल हुए हैं। इस दुर्घटना के बाद प्रशासन अगर गंभीरता से जीरो पॉइंट की संरचना पर विचार करें, राष्ट्रीय राजमार्ग के इंजीनियरों के साथ बैठकर व्यवस्था बनाई जाए कि यहां पर होने वाली दुर्घटनाएं रोकी जा सके। साथ ही पुलिस चेकिंग के नाम पर बनाई गई अस्थाई चौकी को जीरो पॉइंट के मोड़ से हटाकर किसी ऐसे उपयुक्त स्थान पर स्थापित किया जाए जहां से वाहन चालकों के दिखाव में बाधा ना आए और दुर्घटनाएं रोकी जा सके।

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