नई दिल्ली: भारतीय टेलीविजन पत्रकारिता के एक गौरवशाली अध्याय का समापन हो गया है। दूरदर्शन की प्रतिष्ठित समाचार वाचक (News Reader) सरला माहेश्वरी अब हमारे बीच नहीं रहीं। उनके निधन की खबर से पत्रकारिता जगत और उनके चाहने वालों में शोक की लहर है। सोशल मीडिया पर उनके प्रशंसक इसे टीवी पत्रकारिता के एक ‘गोल्डन एरा’ का अंत बता रहे हैं।
शम्मी नारंग और महिला कांग्रेस ने दी श्रद्धांजलि
दूरदर्शन के दिग्गज एंकर शम्मी नारंग ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा:
“अपनी पूर्व सह-एंकर सरला माहेश्वरी के निधन की खबर देते हुए मुझे अत्यंत पीड़ा हो रही है। वे शालीनता और विनम्रता की प्रतिमूर्ति थीं। वे जितनी सुंदर थीं, दिल से उतनी ही उदार भी। भाषा पर उनकी अद्भुत पकड़ और ज्ञान का भंडार उन्हें सबसे अलग बनाता था।”
ऑल इंडिया महिला कांग्रेस ने भी उन्हें याद करते हुए ट्वीट किया और कहा कि सरला जी की विश्वसनीयता और शालीनता आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेगी।
अंतिम विदाई
सरला माहेश्वरी के परिवार द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार 12 फरवरी (आज) शाम 4 बजे दिल्ली के निगम बोध घाट पर संपन्न होगा।
क्यों खास थीं सरला माहेश्वरी?
सरला माहेश्वरी उस दौर की पहचान थीं जब समाचारों का मतलब शोर-शराबा नहीं, बल्कि स्पष्टता और गंभीरता होता था। उनकी कुछ खास खूबियां:
- विश्वसनीयता: दर्शकों को उनकी आवाज़ और खबर पढ़ने के अंदाज़ पर अटूट भरोसा था।
- भाषाई पकड़: हिंदी और उच्चारण पर उनका गजब का नियंत्रण था।
- ग्रेस और गरिमा: टीवी स्क्रीन पर उनकी उपस्थिति में एक खास तरह का आकर्षण और शालीनता होती थी।
प्रशंसकों की यादें
सोशल मीडिया पर एक यूजर ने लिखा, “हम उन्हें सुनते हुए बड़े हुए हैं। वे उस दौर की एंकर थीं जब समाचारों में ड्रामा नहीं, सिर्फ क्लैरिटी होती थी।” उनके जाने को टेलीविजन पत्रकारिता के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
- नेपाल के सुनसरी में सांप्रदायिक हिंसा के बाद कर्फ्यू, 3 की मौत: जानें क्या है पूरा मामला

- संभल: ‘गांव-गांव तक पहुंचाएं संगठन की विचारधारा’, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की बैठक में बोले मज़ाहिर ख़ान

- जौहर यूनिवर्सिटी से भर्ती घोटाले तक: आजम ख़ान पर ED का शिकंजा कसने की तैयारी, रामपुर पुलिस ने भेजीं 84 मुकदमों की फाइलें

- रामपुर: आजम खान से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रहे जज का तबादला, ‘क्वालिटी बार’ केस टला

- समाधान दिवस में पहुंचीं 13 शिकायतें, मौके पर एक का भी निस्तारण नहीं

