रामपुर: बावनखेड़ी की शबनम को कभी भी हो सकती है फाँसी

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Globaltoday.in | रईस अहमद | रामपुर

शबनम एक ऐसा नाम है जिसको सुनकर लोगों के रोंगटे खड़े हो जाते हैं। शबनम ने अपने प्रेमी के ख़ातिर अपने परिवार के 7 लोगों की निर्मम हत्या की थी।

इस मामले में शबनम बावनखेड़ी हत्याकांड के नाम से जानी जाती है और तभी से कारागार में बंद है। लेकिन अब जल्दी शबनम को फाँसी होने वाली है। शबनम ने राष्ट्रपति और राज्यपाल से दया याचिका की अपील की थी जिसको राज्यपाल और राष्ट्रपति ने ख़ारिज कर दिया। अब कभी भी शबनम को फाँसी हो सकती है।

 शबनम इस वक्त रामपुर के जिला कारागार में बंद है और कभी भी वह मथुरा के लिए रवाना हो सकती है।


कौन है शबनम?

जनपद अमरोहा के गाँव बावनखेड़ी निवासी शबनम जिसका प्रेम प्रसंग सलीम नामक युवक से था। उसने देखा कि जब उसके परिवार वाले लोग उनकी शादी में रोड़ा बन रहे हैं तो शबनम ने 14 अप्रेल 2008 को अपने परिवार के 7 लोगों की कुल्हाड़ी से काटकर निर्मम हत्या कर दी थी।

रामपुर की जेल में बंद है शबनम

वहीं हमने जेलर राकेश कुमार वर्मा से बात की तो उन्होंने बताया यह डिस्टिक जेल मुरादाबाद से जुलाई 2019 में ट्रांसफर होकर के हमारी जेल में दाखिल हुई है। यह 302 ,34 आईपीसी थाना बावन खेड़ी के मामले में मृत्यु दंड से दंडित है। यह महिला वार्ड बैरक नंबर 14 में है। इसका व्यवहार सामान्य है और कोऑपरेटिव है। महिला बंदियों के साथ में जेल प्रशासन के साथ में हंसना बोलना बात करना उसमें कोई भी असामान्य गतिविधि नहीं है। इसका एक प्रेमी सलीम था उस पर जेलर ने कहा वे संभवत मुरादाबाद से बरेली गया हो।

राकेश कुमार वर्मा-जेलर
राकेश कुमार वर्मा-जेलर

इसका एक बच्चा था इस पर जेलर ने कहा वे यहां पर दाखिल नहीं हुआ है। और उसका मालूम भी नहीं वह कहां पर है।शबनम रामपुर में जुलाई 2019 से है लगभग डेढ़ वर्ष हो गया यहां कारागार में।जेलर ने कहा प्रायश्चित और पश्चाताप की कोई बात सामने नही आई है। हमें अभी इसका डेथ वारंट प्राप्त नहीं हुआ है इस की दया याचिका राष्ट्रपति महोदय के यहां से खारिज हो चुकी है सुप्रीम कोर्ट से भी दया याचिका खारिज हो चुकी है। उसके बाद हमने डिस्ट्रिक्ट अमरोहा से इसका डेथ वारंट प्राप्त करने का अनुरोध किया है। जैसे ही प्राप्त हो जाएगा इसको हम यहां से ट्रांसफर कर देंगे डिस्टिक जेल मथुरा के लिए। क्योंकि महिलाओं की फांसी के लिए मथुरा जेल में ही प्रावधान है। जेल में शबनम क्रिएटिव वर्क में रही है जैसे रंगोली बनाना हो जैसे और प्रशिक्षण रहा हो। ज़िला कारागार रामपुर में टोटल 48 महिलाएं हैं उसमें एक यह भी है।

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