अमेरिका ने ग्रीनलैंड को अपना हिस्सा बनाने के लिए एक बेहद महत्वाकांक्षी और चौंकाने वाली योजना तैयार की है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन वहां के नागरिकों को लुभाने के लिए सीधे नकद भुगतान करने पर विचार कर रहा है।
समाचार एजेंसी ने दावा किया है कि ग्रीनलैंड के करीब 57,000 निवासियों को 10,000 डॉलर से लेकर 100,000 डॉलर तक का सीधा भुगतान किया जा सकता है। इस भारी-भरकम राशि के पीछे का उद्देश्य ग्रीनलैंडवासियों को डेनमार्क से अलग होकर संयुक्त राज्य अमेरिका में शामिल होने के लिए राजी करना है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गहराया विरोध
अमेरिकी राष्ट्रपति के करीबी सहयोगियों और वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से सामने आई इस खबर ने वैश्विक राजनीति में खलबली मचा दी है। ब्रिटेन सहित कई यूरोपीय देशों ने अमेरिका की इन विस्तारवादी महत्वाकांक्षाओं पर कड़ी आपत्ति जताई है। यूरोपीय संघ के नेताओं का मानना है कि इस तरह की कोशिशें अंतरराष्ट्रीय संप्रभुता के नियमों के खिलाफ हैं।
रक्षा और रणनीतिक महत्व पर जोर
ग्रीनलैंड के प्रति अपनी रुचि को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले महीने ही स्थिति स्पष्ट कर दी थी। उन्होंने कहा था कि अमेरिका को ग्रीनलैंड की आवश्यकता वहां मौजूद खनिजों के भंडार के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रीय रक्षा और रणनीतिक मजबूती के लिए है। विशेषज्ञों का मानना है कि आर्कटिक क्षेत्र में रूस और चीन के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए अमेरिका ग्रीनलैंड पर अपना नियंत्रण चाहता है।
- पीएम मोदी का ‘व्यक्तिगत ध्यान’ भारत-रूस विशेष रणनीतिक साझेदारी को दे रहा मजबूती: व्लादिमीर पुतिन

- एकता और विविधता दोनों ही भारत के डीएनए में बसी हैं: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत

- प्रधानमंत्री मोदी उज्बेकिस्तान की दो दिवसीय यात्रा पर रवाना; व्यापार, रक्षा और ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग पर रहेगा जोर

- ब्राजील: रियो डी जनेरियो के जंगल में हेलीकॉप्टर क्रैश, जलने से पायलट समेत 4 लोगों की मौत

- सिंधु घाटी सभ्यता पर पाकिस्तान के दावे को भारत ने किया खारिज, कहा— ‘आतंकवाद फैलाने वाला देश सांस्कृतिक विरासत पर हक नहीं जता सकता’

