रामपुर जिला अस्पताल में बेहाल व्यवस्था: भीषण गर्मी में घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी बिना इलाज लौट रहे मरीज

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रामपुर(अरमान ख़ान): उत्तर प्रदेश के रामपुर जिला अस्पताल की ओपीडी में इन दिनों मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है। भीषण गर्मी के कारण मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ा है, जिससे रोजाना 750 से लेकर 1000 तक मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। लेकिन अस्पताल की लचर पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) व्यवस्था के चलते मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालात ये हैं कि घंटों लाइन में लगने के बाद भी कई मरीजों का पर्चा नहीं बन पा रहा है और उन्हें बिना डॉक्टर को दिखाए ही बैरंग लौटना पड़ रहा है।

मरीजों का दर्द: “पर्चा ही नहीं बनेगा तो डॉक्टर को कैसे दिखाएंगे?”

अस्पताल में इलाज के लिए दूर-दराज के इलाकों से आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों में इस अव्यवस्था को लेकर भारी नाराजगी है:

  • चमन (मरीज): “मैं लगातार दूसरे दिन अस्पताल आई हूं, लेकिन आज भी मेरा नंबर नहीं आ सका। जब पर्चा ही नहीं बनेगा, तो हम डॉक्टर को कैसे दिखाएंगे?”
  • आसमा (मरीज): “मैं भीषण गर्मी में काफी देर तक लाइन में खड़ी रही। लेकिन जैसे ही मेरा नंबर आने वाला था, पंजीकरण काउंटर ही बंद हो गया। अब बिना दवा और इलाज के वापस जाना पड़ रहा है।”
  • साहब (मरीज): “घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी पर्चा नहीं बन पाया। इतनी गर्मी में दूर से आकर खाली हाथ लौटना बहुत बड़ी परेशानी है।”

केवल 4 काउंटरों के भरोसे हजारों मरीज

मरीजों का कहना है कि एक तरफ चिलचिलाती धूप और उमस है, वहीं दूसरी तरफ अस्पताल की धीमी व्यवस्था उनकी बीमारी को और बढ़ा रही है। अस्पताल प्रशासन बढ़ती भीड़ के अनुपात में काउंटरों की संख्या बढ़ाने में नाकाम रहा है, जिससे पंजीकरण व्यवस्था पर भारी दबाव है।

क्या कहते हैं जिम्मेदार?

“वर्तमान में अस्पताल में केवल चार काउंटरों से ही पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) की व्यवस्था चलाई जा रही है। गर्मी के मौसम में अचानक मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है, जिससे कुछ दिक्कतें सामने आ रही हैं।” – डॉ. बी. सी. सक्सेना, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (CMS), जिला अस्पताल

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