निजामुद्दीन दरगाह पर बिना अनुमति के दीप जलाने पर बवाल: दरगाह प्रबंधन ने RSS सहयोगी मंच को घेरा

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Message of peace on Dhanteras: Indresh Kumar said in 'Jashne-Chirag' - India is the real peace model of the world.
धनतेरस पर अमन का पैग़ाम: ‘जश्ने-चिराग़’ में इंद्रेश कुमार बोले- भारत ही दुनिया का असली शांति मॉडल

दिल्ली: RSS के सहयोगी संगठन मुस्लिम राष्ट्रीय मंच द्वारा निजामुद्दीन दरगाह में धनतेरस पर दीप जलाने के आयोजन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें दरगाह प्रबंधन ने आपत्ति जताते हुए इसे नई और अनुचित परंपरा बताया है. दरगाह कमेटी के प्रवक्ता फरीद निजामी ने आरोप लगाया कि आयोजन के लिए उनकी अनुमति नहीं ली गई और इससे धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं, जबकि मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का कहना है कि यह शांति और सद्भाव का संदेश देने के उद्देश्य से किया गया था।

विवाद का केंद्र

Fareed Nizami
फरीद निजमी-प्रवक्ता (दरगाह कमेटी)

मुस्लिम राष्ट्रीय मंच, जो आरएसएस से जुड़ा हुआ संगठन है, पिछले चार वर्षों से धनतेरस के अवसर पर निजामुद्दीन दरगाह में “जश्न चिरागा” मना रहा है। इस वर्ष भी संगठन ने इस आयोजन की घोषणा की, जिसका दरगाह कमेटी ने विरोध किया। कमेटी का तर्क है कि यह एक नई परंपरा है जिसे बिना अनुमति के शुरू किया गया है और इससे त्योहार के समय माहौल खराब हो सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी आयोजन के लिए पहले उनसे विचार-विमर्श करना आवश्यक है।​

प्रतिक्रियाएं और आरोप

दरगाह कमेटी के प्रवक्ता फरीद निजामी ने बताया कि उन्होंने पहले ही आयोजन का विरोध कर दिया था और दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, फिर भी मंच के सदस्य दरगाह पहुंचे और दीप जलाए।

उन्होंने इसे खतरनाक और गलत बताया और दिल्ली पुलिस से जांच की मांग की। इसके विपरीत, मुस्लिम राष्ट्रीय मंच का कहना है कि उनका उद्देश्य अमन का संदेश देना था और दरगाह हिंदू-मुस्लिम दोनों के लिए पवित्र है, इसलिए दीप जलाने में कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। उन्होंने आयोजन को शांतिपूर्ण बताया और आरोप लगाया कि अन्य राजनीतिक दल भ्रम फैला रहे हैं।