फ्रांस की अदालत में एक मुर्ग़े के हक़ में फैसला देते हुए अदालत ने कहा कि मुर्ग़े को अज़ान(बांग) देने से कोई नहीं रोक सकता
ग्लोबलटुडे, वेबडेस्क
राहेला अब्बास
दुनिया भर में देहाती इलाक़ों में रहने वाले सभी लोगों को मुर्ग़ों को सुबह-सुबह बांग(अज़ान) देने के बारे में पता है और कुछ गाँव के लोग तो सुबह उठते ही मुर्ग़े की अज़ान सुनकर हैं।
हालांकि, दुनिया में कुछ लोग ऐसे भी हैं जो मुर्ग़े की इस बांग को अपनी नींद में खलल मानते हैं और परेशान होते हैं।
फ्रांस में रहने वाले एक जोड़े के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ और उन्होंने सुबह सुबह मोरिस नाम के मुर्ग़े की बांग से परेशान होकर मुर्ग़े के खिलाफ ही अदालत में मुकदमा दायर कर दिया। उनका कहना था कि मुर्ग़े से पूरे मुहल्ले के लोग परेशान हैं।
हालांकि, कुछ सुनवाई और वकीलों के बीच मजबूत बहस के बाद, अदालत ने इंसानों के मुक़ाबले मुर्ग़े मोरिस की बांग देने को कुदरती आदत मानते हुए मुर्ग़े के हक़ में फैसला दे दिया।
समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक़, एक प्रमुख फ्रांसीसी जोड़े ने मुर्ग़े मोरिस और उसके मालिक पर सिर्फ इस लिए मुक़दमा दायर किया था क्योंकि मुर्ग़ा मोरिस सुबह सुबह बांग देता है जिससे उनकी नींद में ख़लल पड़ता है।
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