रामपुर के नवाब पेंटिंग और कला के कितने शौकीन थे। इस बात का अंदाजा उनके महल के कमरों की दीवार पर लगी पेंटिंग से ही लगाया जा सकता है। इन पेंटिंग्स की कीमत ₹23 करोड़ आंकी गई। आप अंदाजा लगा सकते हैं कि रामपुर के नवाबों के शौक कितने शाही हुआ करते थे।
रामपुर के आखिरी नवाब नवाब रज़ा अली खां (Raza Ali Khan) की संपत्ति के बंटवारे की कार्यवाही चल रही है। इस संपत्ति के बंटवारे को लेकर कई नई नई चीजें सामने आ रहे हैं। यह संपत्ति का बंटवारा हजारों में नहीं, लाखों में नहीं, करोड़ों में है।
जी हां नवाब रामपुर कला के बड़े क़दरदान थे और उनके यहां कोठी खास बाग में बेशकीमती पेंटिंग लगी हुई थी।
जो नवाब गुजरे हैं उनकी तस्वीरें पेंटर द्वारा बनाई गई हैं। यह पेंटर दुनिया के मशहूर पीटर लेली और जान हेनसन की बनाई गई पेंटिंग भी इनमें शामिल है। इन पेंटिंग्स का आकलन किया गया तो इसकी कीमत ₹23 करोड़ में आँकी गई।
आप अंदाजा लगा सकते हैं कि नवाब रामपुर कितने शौकीन थे कि उनके महल में जो पेंटिंग लगी हुई थी उनकी कीमत कितनी ज्यादा है।
कुछ पेंटिंग्स इस तरह की हैं कि बस कुछ ही देर में बोलने वाली हैं। सालों बीत गए पेंटिंग्स जस की तस हैं मानो किसी पेंटर ने अभी कुछ दिन पहले ही इसे बनाया हो।
रामपुर के नवाब खानदान के अकूत खजाने में 23 करोड़ की पेंटिंग भी है। इनमें दुनिया के मशहूर पेंटर पीटर लेली और जान हेनसन की बनाई गई पेंटिंग भी शामिल है। नवाबी दौर में यह तस्वीरें खास बाग पैलेस की शान बढ़ाएं करती थीं।
नवाब खानदान के वारिसों के मुताबिक कटिहर राजा राम सिंह द्वारा बसाये गए रामपुर में करीब पौने दो सौ साल तक नवाबों का राज रहा।
इस दौरान 10 नवाबों की सत्ता रही। इन सभी की पेंटिंग कोठी खास बाग की शान बढ़ा रही है। आकलन के मुताबिक नवाब के खजाने में काफी पेंटिंग हैं। जिनकी कीमत ₹22 करोड़ 92 लाख 11 हज़ार रुपये आंकी गई है।
वही नवाब खानदान के वारिस और पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां (Naved Miyan ) ने बताया कि ज्यादातर पेंटिंग आखिरी नवाब रजा अली खान के दौर में बनी है। पूर्व मंत्री काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां जो नवाब खानदान के वारिस हैं। उन्होंने बताया,”जब यह पार्टीशन सूट फाइल हुआ था तब हमने एक लिस्ट दी थी। क्या-क्या आइटम थे, जो जो आइटम हैं उसमें उसकी वैल्यूएशन हुई जैसे पेंटिंग्स, कैनवस हैं, ऑयल पेंटिंग है, या डेकोरेटिव वेपंस है। इसके अलावा भी और बहुत सी चीजें हैं। उसमें जो बड़े ऑक्शन हाउस हैं और जो एंटीक वैल्यूएटर होते हैं। उनसे मालूम करके उनको तस्वीरें दिखा कर उनको टाइम पीरियड बता कर इसकी वैल्यूएशन निकाली गई है।
Nawras Migration Painting
उन्होंने बताया कि वैल्यूएशन भी लगभग है यह एग्जैक्ट नहीं हो सकता। जो हमारे वकील हैं उनके जरिए कोर्ट में पेशी हुआ है। इस वक्त जो गति है वह धीमी है। नए डिस्ट्रिक्ट जज का अपॉइंटमेंट नहीं हुआ है। जब तक उनका अपॉइंटमेंट नहीं होगा तब तक मुझे नहीं लगता इसमें पूरी तरह प्रोग्रेस मुझे नहीं लगता है। यह कैनवस अलग-अलग थे कोई लैंडस्केप थे, पोट्रेट थी, लेकिन ज्यादातर लैंडस्केप्ड है।सब पेंटिंग ऑयल कैनवस इस पर ही थी. नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने कहा इसकी एग्जैक्ट वैल्यू मुझे मालूम नहीं लेकिन कई करोड़ की इसकी कीमत आंकी गई है। इस वैल्यूएशन से संतुष्ट नहीं हैं। कहा कुछ पेंटिंग ऐसी हैं जिनकी वैल्यूएशन कम आंकी गई है।
नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने कहा 23 करोड़ की वेलिवेशन जो आंकी है वह भी कम है। इस की कीमत कहीं ज्यादा है। आप पेरिस और इटली म्यूजियम में जाइए तो वहां आपको पता चलेगा कि एक एक पेंटिंग चाहे वह 2 फिट बाय 2 फिट की हो या वह 2 फिट बाय 3 फिट को हो उसकी कीमत लाखों यूरो में होती है।नवाब काजिम अली खान ne कहा यह बहुत लो वैल्यूएशन है इसकी वैल्यूएशन बहुत ज्यादा है। नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने कहा काफी पेंटिंग थी हर कमरे में तीन या चार पेंटिंग थी। और कोठी खास बाग में 200 कमरे थे। नवेद मियां ने कहा 200 कमरों का महल है 55 एकड़ में बना हुआ है आप खुद ही अंदाजा लगा सकते हैं कितनी पेंटिंग्स होंगी।
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