कृषि बिल के विरोध सिर्फ़ पंजाब-हरियाणा में ही नहीं, बिहार-यूपी में भी शुरू

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Globaltoday.in| रईस अहमद | रामपुर

आज उत्तर प्रदेश के जनपद रामपुर से भी कई दर्जन किसान भारतीय किसान यूनियन के बेनर तले दिल्ली की ओर कूच करने के लिए निकले तो उनको रामपुर पुलिस ने अंबेडकर पार्क पर ही रोक दिया। किसान वहीं हाइवे सड़क पर धरने पर बैठ गए और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की

लोक सभा में कृषि क्षेत्र से जुड़े तीन अहम विधेयक पारित हुए, जिन्हें लेकर पंजाब और हरियाणा के में ज़बर्दस्त विरोध देखा जा रहा था। अब इस विरोध प्रदर्शन ने एक आंदोलन का रूप ले लिया है और किसानों के विरोध की गूंज अब संसद से सड़क तक सुनाई दे रही है।

इस विरोध को लेकर अब उत्तर प्रदेश के किसान भी दिल्ली की तरफ कूच करने के लिए लामबंद हो रहे हैं।

किसानों को मिली दिल्ली में प्रवेश की इजाज़त

बृहस्पतिवार को ‘दिल्ली चलो मार्च’ के शुरू होने के तकरीबन 24 घंटे बाद दिल्ली में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे किसानों को तो राष्ट्रीय राजधानी में घुसने की इजाज़त मिल गयी लेकिन रामपुर के किसानों को पुलिस ने अम्बेडकर पार्क पर ही रोक दिया।

रामपुर में किसानों ने किया हाईवे जाम

नाराज़ किसान वहीं हाइवे सड़क पर धरने पर बैठ गए और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

इस मामले में भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष हसीब अहमद ने कहा,” किसान विरोधी बिल के खिलाफ किसान 3 महीने से सड़कों पर हैं। अब सड़कों से जब दिल्ली की तरफ कूच करने निकला तो गूंगी बहरी सरकार ने उसे रोका, दिल्ली नहीं जाने दिया। किसानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े पानी की बौछार मारी।

दिल्ली नहीं तो क्या इस्लामाबाद जाएंगे?

जिलाध्यक्ष ने कहा यह बताओ किसानों की कितनी बड़ी बदनसीबी है कि वे दिल्ली नहीं जा सकते और अपनी सरकार से कोई बात नहीं कर सकते तो इस्लामाबाद कोई जाएंगे।

जिलाध्यक्ष हसीब अहमद ने कहा दिल्ली नहीं जाने दे रहे और आप नहीं सुन रहे हो तो हमें इस्लामाबाद भेज दो। उन्होंने कहा,” तुम अपने किसानों से इतनी नफरत करने लगे… उन पर आंसू गैस छोड़ने लगे… उन पर पानी की बौछार करने लगे।

जिलाध्यक्ष ने कहा क्या बात है क्यों अपने किसानों से बैठ कर बात करना नहीं चाहते। 3 महीने से किसान कोहराम मचाये हुए हैं। आज नेशनल हाईवे पर बैठा है पूरे देश का किसान।

जिला अध्यक्ष हसीब अहमद ने कहा हमारी एक छोटी सी यही मांग है कि इस बिल में छोटा सा एक संशोधन कर लो जो बिल आपने पास किए हैं जो समर्थन मूल खरीद है उसे अपराध माना जाएगा।

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