फ़्रैंकफर्ट पुस्तक मेले में राष्ट्रीय उर्दू परिषद की भागीदारी उर्दू प्रेमियों के लिए गर्व का विषय: डॉ. शम्स इक़बाल

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Participation of National Urdu Council in Frankfurt Book Fair is a matter of pride for Urdu lovers: Dr. Shams Iqbal
फ़्रैंकफर्ट पुस्तक मेले में राष्ट्रीय उर्दू परिषद की भागीदारी उर्दू प्रेमियों के लिए गर्व का विषय: डॉ. शम्स इक़बाल

नई दिल्ली: जर्मनी के शहर फ़्रैंकफर्ट में आयोजित 75वें पुस्तक मेले में नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय उर्दू भाषा विकास परिषद (NCPUL) ने भी भाग लिया है। यह पुस्तक मेला दुनिया के सबसे बड़े मेलों में से एक है, जो पुस्तकों के कॉपीराइट, अनुवाद और उत्पादन के लिए जाना जाता है। यह मेला 16 अक्टूबर 2024 को शुरू हुआ और 20 अक्टूबर 2024 को खत्म होगा। इस मेले में दुनिया के 130 से ज़्यादा देशों के 17,000 से ज्यादा प्रकाशक, लेखक और पुस्तक एजेंट भाग ले रहे हैं। भारत के 30 से अधिक सरकारी और गैर-सरकारी प्रकाशकों के स्टॉल यहाँ मौजूद हैं। राष्ट्रीय उर्दू परिषद (NCPUL )का स्टॉल भारत पवेलियन में है, जिसका आयोजन नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया ने किया है। राष्ट्रीय उर्दू परिषद के स्टॉल पर लगभग 150 टाइटल्स की नुमाईश की गई है।

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उर्दू और दूसरी भाषाओं के लेखक और प्रकाशक बड़ी संख्या में राष्ट्रीय उर्दू परिषद के स्टॉल पर आ रहे हैं और परिषद की पुस्तकों को पसंद कर रहे हैं। 17 अक्टूबर 2024 को भारत पवेलियन में राम बहादुर राय जी की किताब ‘आईंन ए हिंद: अनकही कहानी’ का विमोचन मशहूर लेखक आरिफ नक़वी और नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया के चेयरमैन प्रोफेसर मिलिंद सुधाकर मराठे के हाथों हुआ। फ़्रैंकफर्ट पुस्तक मेले में राष्ट्रीय उर्दू परिषद की नुमाईन्दगी असिस्टेंट डायरेक्टर (प्रशासन) मोहम्मद अहमद और असिस्टेंट एजुकेशन ऑफिसर अजमल सईद कर रहे हैं।

इस मौके पर ख़ुशी जाहिर करते हुए राष्ट्रीय उर्दू परिषद के निदेशक डॉ. शम्स इक़बाल ने कहा कि फ़्रैंकफर्ट अंतरराष्ट्रीय पुस्तक मेले में परिषद की भागीदारी उर्दू प्रेमियों के लिए गर्व की बात है। मुझे नहीं पता कि इससे पहले कभी किसी उर्दू संस्था ने फ़्रैंकफर्ट पुस्तक मेले में हिस्सा लिया है या नहीं। मुझे उम्मीद है कि परिषद की भागीदारी उर्दू के लिए शुभ संकेत साबित होगी। राष्ट्रीय उर्दू परिषद अपने कर्मचारियों और अधिकारियों की अथक कोशिशों और लगन एवं समर्पण के कारण तरक्की के रास्ते पर अग्रसर है।”