नई दिल्ली: डॉ. शम्स इकबाल ने आज मंगलवार को राष्ट्रीय उर्दू परिषद (NCPUL) के नए निदेशक के रूप में कार्यभार संभाला। इस अवसर पर एक स्वागत समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें निवर्तमान निदेशक प्रो. धनंजय सिंह ने डॉ. शम्स इकबाल को कार्यभार सौंपते हुए अपनी शुभकामनाएं व्यक्त कीं। अपने स्वागत भाषण में कहा कि परिषद के निदेशक के रूप में मैंने सात आठ साल का अनुभव किया है।
ये महीने बहुत यादगार थे, मैं नए निदेशक के रूप में डॉ. शम्स इकबाल का तहे दिल से स्वागत करता हूं और मुझे लगता है कि काउंसिल जैसी उर्दू की केंद्रीय संस्था के लिए शम्स इकबाल से बेहतर कोई विकल्प नहीं हो सकता था। वह वर्षों से भारत सरकार की सबसे महत्वपूर्ण संस्था एनबीटी में संपादक के रूप में कार्यरत हैं और इस अवधि के दौरान उन्होंने उर्दू भाषा के प्रचार-प्रसार और उर्दू पुस्तकों के प्रकाशन में बहुमूल्य उपलब्धियाँ हासिल की हैं। मुझे आशा है कि उनके नेतृत्व में परिषद विकास की नई ऊंचाईयां स्थापित करेगी।
डॉ. शम्स इकबाल ने कहा कि मैं भारत सरकार और शिक्षा मंत्रालय का आभारी हूं कि उन्होंने मुझे राष्ट्रीय उर्दू परिषद जैसी उर्दू की महत्वपूर्ण संस्था की जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने कहा कि परिषद सिर्फ एक संस्था नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर साक्षरता दर बढ़ाने और पुस्तक संस्कृति को बढ़ावा देने में परिषद की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने कहा कि मेरा प्रयास परिषद की गरिमामयी पहचान को और मजबूत करना तथा इसके द्वारा चलायी जा रही उर्दू प्रचार-प्रसार योजनाओं को दूर-दूर तक फैलाना होगा। ज्ञात हो कि डॉ. शम्स इकबाल पहले एनबीटी में संपादक रह चुके हैं, राष्ट्रीय NCPUL में PPO के रूप में भी काम कर चुके हैं और उनके पास प्रबंधन का लंबा अनुभव है।
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