मौलाना तौकीर रजा की गिरफ्तारी पर जमाअत-ए-इस्लामी ने जताई गहरी चिंता

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नई दिल्ली, 28 सितंबर 2025: जमाअत-ए-इस्लामी हिंद (JIH) के अध्यक्ष सयैद सआदतुल्लाह हुसैनी ने बरेली में इस्लामिक स्कॉलर मौलाना तौकीर रजा खान समेत कई लोगों की गिरफ्तारी पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि यह घटनाक्रम देश में बढ़ती सांप्रदायिक राजनीति और घृणासे प्रेरित शासन का संकेत है।

हुसैनी ने कहा कि “I Love Muhammad” जैसे साधारण नारे को सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा बताकर दर्ज हुई एफआईआर और सामूहिक गिरफ्तारियां निंदनीय हैं। उन्होंने इसे भारत की बहुलतावादी परंपरा और सभ्यतागत मूल्यों पर हमला बताया।

“राजनीतिक शरारत है इस संकट की वजह”

जमाअत अध्यक्ष ने कहा कि मौलाना तौकीर रजा को पहले नजरबंद करने और फिर कठोर धाराओं में एफआईआर दर्ज करने के साथ मुसलमानों पर कार्रवाई करना असंतुलित कदम है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक नेताओं द्वारा मौलाना रजा के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग, केस के पीछे की राजनीति को उजागर करता है।

हुसैनी ने चेतावनी दी कि राज्य की शक्ति का ऐसा दुरुपयोग कानून के शासन को कमज़ोर करता है और समाज में अविश्वास और अलगाव को गहरा करता है।

“भारत की लोकतांत्रिक परंपरा से खिलवाड़”

उन्होंने कहा कि भारत की लोकतांत्रिक यात्रा में कई आंदोलनों और विरोधों का सामना प्रशासन ने संतुलित ढंग से किया है। शांतिपूर्ण प्रदर्शनों को आपराधिक ठहराना और पूरे समुदाय को निशाना बनाना संविधान की भावना और निष्पक्ष शासन के सिद्धांतों का उल्लंघन है।

सरकार से आरोप वापस लेने की अपील

सयैद सआदतुल्लाह हुसैनी ने मुस्लिम समुदाय से शांतिपूर्ण बने रहने और पैगंबर मुहम्मद (स.अ.व) के धैर्य व करुणा के संदेशों का पालन करने की अपील की। साथ ही उन्होंने सरकार से तुरंत सभी बढ़ा-चढ़ाकर लगाए गए आरोपों को वापस लेने, गलत तरीके से हिरासत में लिए लोगों की रिहाई करने और न्याय पर आधारित शासन बहाल करने की मांग की।

उनका कहना था कि भारत की असली ताकत संविधान, बहुलतावाद और आपसी सम्मान में निहित है। यदि इन्हें अल्पकालिक राजनीतिक लाभ के लिए कमजोर किया गया तो नुकसान पूरे राष्ट्र को उठाना पड़ेगा।

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