राज्यसभा सभापति ने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने का नोटिस खारिज किया

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Rajya Sabha Chairman Rejects Notice to Remove Chief Election Commissioner
ज्ञानेश कुमार, सीईसी (फ़ाइल फोटो)

नई दिल्ली, 6 अप्रैल: राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने के लिए विपक्षी सांसदों द्वारा दिए गए प्रस्ताव (नोटिस) को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। सभापति के इस फैसले के साथ ही ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग वाली कानूनी प्रक्रिया फिलहाल समाप्त हो गई है।

क्या था पूरा मामला?

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 12 मार्च 2026 को राज्यसभा के 63 सदस्यों ने एक साझा प्रस्ताव का नोटिस दिया था। इस नोटिस में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग की गई थी। सांसदों ने यह कदम निम्नलिखित कानूनी प्रावधानों के तहत उठाया था:

  • भारतीय संविधान: अनुच्छेद 324(5) और अनुच्छेद 124(4)।
  • अधिनियम: मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023 की धारा 11(2)।
  • जांच प्रक्रिया: जजेज (इंक्वायरी) एक्ट, 1968।

सभापति ने क्यों लिया फैसला?

राज्यसभा सभापति ने इस नोटिस पर गहन विचार-विमर्श करने और सभी संबंधित कानूनी पहलुओं का निष्पक्ष आकलन करने के बाद इसे खारिज किया। उन्होंने जजेज (इंक्वायरी) एक्ट, 1968 की धारा 3 के तहत प्रदत्त अपनी शक्तियों का उपयोग करते हुए यह निर्णय लिया।

सभापति के अनुसार, नोटिस में दिए गए आधार और मुद्दे संवैधानिक मानकों पर प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त नहीं पाए गए।

गौरतलब है कि पिछले महीने विपक्षी दलों के कई सांसदों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए दोनों सदनों में नोटिस दिया था। उस समय लोकसभा और राज्यसभा सचिवालय की ओर से कहा गया था कि इन नोटिसों की बारीकी से जांच की जाएगी। आज राज्यसभा सभापति के इस निर्णय ने उच्च सदन में इस विवाद पर पूर्णविराम लगा दिया है।