नई दिल्ली: विश्व उर्दू दिवस का आयोजन इस वर्ष 9 नवंबर रविवार को सुबह 11 बजे हजरत निजामुद्दीन स्थित गालिब एकेडमी में आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसिद्ध इकबाल विद्वान प्रोफेसर अब्दुल हक करेंगे। यह दिवस प्रसिद्ध उर्दू कवि और विचारक अल्लामा मोहम्मद इकबाल की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है, जिनका जन्म 9 नवंबर 1877 को हुआ था।
पुरस्कार वितरण और सम्मान
विश्व उर्दू दिवस के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. सैयद अहमद खान के अनुसार, इस अवसर पर उर्दू भाषा की सेवा में उत्कृष्ट योगदान के लिए कई प्रतिष्ठित हस्तियों को सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रमुख व्यक्तियों में प्रोफेसर जहरा खातून (जामिया मिल्लिया इस्लामिया, नई दिल्ली) को मौलाना अली मियां पुरस्कार, डॉ. अकील अहमद (सचिव, गालिब एकेडमी) को मौलाना अब्दुल मजीद दरयाबादी पुरस्कार, और के.एल. नारंग साकी को कुंवर महेंद्र सिंह बेदी साहित्य पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
विशेष स्मारिका का विमोचन
कार्यक्रम में एक विशेष स्मारिका भी जारी की जाएगी, जिसमें प्रसिद्ध पत्रकार आलम नकवी के जीवन और योगदान को प्रदर्शित किया जाएगा। इस आयोजन में फारूक अहमद (दूरदर्शन, दिल्ली) को अल्लामा यासीन उर्दू प्रचार पुरस्कार, प्रोफेसर डॉ. जियाउर रहमान सिद्दीकी (अलीगढ़) को मजहरुद्दीन खान शिक्षण पुरस्कार, और मास्टर इकबाल अहमद को मकबूल अहमद सिद्दीकी सर्वश्रेष्ठ शिक्षक पुरस्कार से नवाजा जाएगा।
28 वर्षों से निरंतर आयोजन
डॉ. सैयद अहमद खान ने बताया कि उर्दू विकास संगठन (UDO) 1997 से हर साल 9 नवंबर को विश्व उर्दू दिवस मना रहा है। इस वर्ष का कार्यक्रम “उर्दू के प्रचार के लिए व्यावहारिक रणनीतियां” विषय पर वार्ता और पुरस्कार वितरण समारोह के साथ आयोजित किया जाएगा। वरिष्ठ पत्रकार सुहैल अंजुम ने कहा कि पिछले 28 वर्षों से उर्दू दिवस का निरंतर आयोजन एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और अब यह केवल भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी मनाया जाता है।
अल्लामा इकबाल की विरासत
अल्लामा मोहम्मद इकबाल को “शायर-ए-मशरिक” के नाम से जाना जाता है। उन्होंने भारत का राष्ट्रीय गीत “सारे जहां से अच्छा” लिखा था और उनकी कविताओं में आध्यात्मिकता, आत्म-खोज और भारतीय एकता के विषय शामिल हैं। उर्दू भाषा और साहित्य के प्रचार-प्रसार के लिए उनके योगदान को याद करते हुए यह दिवस मनाया जाता है।
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