नई दिल्ली: निज़ामुद्दीन की बस्ती हज़रत स्थित ग़ालिब अकादमी में रविवार को विश्व उर्दू दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता इक़बाल विशेषज्ञ प्रोफेसर अब्दुल हक ने की, जबकि आयोजन की रूपरेखा विश्व उर्दू दिवस के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. सैयद अहमद ख़ान के नेतृत्व में तैयार की गई थी।
कार्यक्रम में उर्दू भाषा, साहित्य, पत्रकारिता और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली अनेक हस्तियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रसिद्ध पत्रकार आलम नक़वी के जीवन और सेवाओं पर आधारित एक यादगारी मजल्ला का भी विमोचन किया गया।
इस वर्ष प्रोफेसर बिलकिस बानो (एएमयू) को लाइफ़टाइम अचीवमेंट पुरस्कार, डॉ. रऊफ़ खैर (हैदराबाद) को अल्लामा मुहम्मद इक़बाल पुरस्कार और प्रोफेसर कौसर मजहरी (जामिया मिल्लिया इस्लामिया) को शायरी के लिए मिर्ज़ा ग़ालिब पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
इसके अलावा प्रोफेसर ज़हरा ख़ातून, डॉ. अकील अहमद, के.एल. नारंग साकी और यासीन मोमिन को भी उनके योगदान के लिए सम्मान मिला। पत्रकारिता के क्षेत्र में सैयद जुबैर अहमद (मुस्लिम मिरर), जमशेद इक़बाल (आजतक), सौरभ शुक्ला और आबिद हुसैन अनवर सहित कई पत्रकारों को विभिन्न पुरस्कारों से नवाज़ा गया।
कार्यक्रम में प्रोफेसर अब्दुल मजीद सिद्दीकी, डॉ. इब्राहीम अफसर, डॉ. उजैर अहमद और डॉ. नेहाल नाज़िम को शिक्षा, शोध और साहित्य संवर्धन के लिए सम्मानित किया गया। वहीं, डॉ. अबू साद अथरी को भारत-नेपाल मैत्री पुरस्कार और हिदायत प्रकाशन को मुंशी नौल किशोर पुरस्कार प्रदान किया गया।
अंत में डॉ. सैयद अहमद ख़ान ने अपने उद्बोधन में कहा कि पुरस्कार विजेता उर्दू भाषा के प्रचार-प्रसार में नई ऊर्जा का संचार करेंगे और उसकी समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाएंगे।
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