वाशिंगटन/तेहरान: मध्य पूर्व (Middle East) में युद्ध के बादल गहराते जा रहे हैं। अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के हालिया दावों ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ईरान के खिलाफ एक ‘सतत और लंबे सैन्य अभियान’ (Long-term Military Campaign) की योजना बना रहा है, जो क्षेत्र में अब तक का सबसे जटिल ऑपरेशन हो सकता है।
अमेरिका की क्या है रणनीति?
अमेरिकी अधिकारियों ने एक अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी से बात करते हुए खुलासा किया है कि इस बार अमेरिका की योजना केवल ईरान के परमाणु ठिकानों तक सीमित नहीं है। अमेरिकी सेना ईरान के निम्नलिखित क्षेत्रों को निशाना बना सकती है:
- परमाणु बुनियादी ढांचा: ईरान के यूरेनियम संवर्धन और अनुसंधान केंद्र।
- सुरक्षा प्रतिष्ठान: रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के मुख्यालय और रणनीतिक ठिकाने।
- सरकारी ढांचे: राज्य के महत्वपूर्ण प्रशासनिक केंद्र।
पेंटागन की बड़ी सैन्य तैनाती
युद्ध की आशंकाओं के बीच, पेंटागन ने मध्य पूर्व में अपनी ताकत बढ़ा दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक:
- एक नया विमानवाहक पोत (Aircraft Carrier) तैनात किया जा रहा है।
- हजारों अतिरिक्त सैनिकों को भेजा जा रहा है।
- गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर और युद्धपोतों की गश्त बढ़ाई गई है।
ईरान की जवाबी चेतावनी: अमेरिकी सैन्य ठिकाने निशाने पर
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि अमेरिका ने हमला किया, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। ईरान ने चेतावनी दी है कि क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकाने उनके निशाने पर होंगे।
इन देशों में हैं अमेरिका के प्रमुख सैन्य अड्डे:
जॉर्डन, कुवैत, सऊदी अरब, कतर, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और तुर्की।
विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान के पास मिसाइलों का एक विशाल और शक्तिशाली जखीरा है, जिससे वह पूरे क्षेत्र में अमेरिकी हितों को नुकसान पहुँचा सकता है। इससे यह संघर्ष एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध में तब्दील हो सकता है।
राष्ट्रपति ट्रंप और व्हाइट हाउस का रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “ईरान से निपटना हमेशा से कठिन रहा है और कभी-कभी धैर्य ही सबसे बड़ा हथियार होता है।”
व्हाइट हाउस के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि:
- राष्ट्रपति ट्रंप के पास ईरान को लेकर सभी विकल्प (All options on the table) खुले हैं।
- वे राष्ट्रीय सुरक्षा और देश के हित में अंतिम निर्णय लेंगे।
- राष्ट्रपति प्रशासन के भीतर अलग-अलग दृष्टिकोणों को सुन रहे हैं ताकि सही रणनीति बनाई जा सके।
शांति की उम्मीद: ईरान का प्रस्ताव
तनाव के बीच ईरान ने कूटनीतिक रास्ता भी खुला रखा है। ईरान का कहना है कि यदि उस पर लगे आर्थिक प्रतिबंध (Sanctions) हटा लिए जाते हैं, तो वह अपने परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने के लिए बातचीत की मेज पर आने को तैयार है।
मिडिल ईस्ट एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहाँ एक छोटी सी गलती बड़े विनाश का कारण बन सकती है। क्या कूटनीति इस संभावित युद्ध को रोक पाएगी या अमेरिका एक नए लंबे सैन्य अभियान की शुरुआत करेगा? यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
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